केंद्रीय कृषि मंत्री की वर्चुअल बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की भागीदारी
देश को दलहन उत्पादन में अग्रणी बनाने पर किया गया मंथन

लखनऊ : देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के क्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन वर्चुवल रूप से किया गया, जिसमें देश के दलहन उत्पादन के अग्रणी राज्यों के कृषि मंत्रीगणों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में उ.प्र. का प्रतिनिधित्व कृषि मंत्री श्रसूर्य प्रताप शाही द्वारा किया गया। बैठक में केन्द्र सरकार के सचिव (कृषि) एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा अपने उद्बोधन में यह बताया गया कि उ०प्र० में वर्ष 2016-17 में दलहन उत्पादन 23.94 लाख मी०टन था, जो वर्ष 2023-24 में 32.53 लाख मी०टन हो गया। इस अवधि में 36 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गयी है।
प्रदेश में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए अरहर, उर्द एवं मूँग की कार्य-योजना तैयार कर ली गयी, जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजनान्तर्गत 27200 हे० फसल प्रदर्शन आयोजित किये जायेंंगे तथा दलहन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजनान्तर्गत 31553 कुं० बीज वितरण एवं 27356 कुं० प्रमाणित बीज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 सीड हब तैयार किया गया है। जिसके माध्यम से 21000 कुं० बीज उत्पादन किया जायेगा एवं 10500 मिनीकिट्स भी अरहर के वितरित किये जायेंंगे। इसी प्रकार जनपद-बाँदा, महोबा, जालौन, चित्रकूट एवं ललितपुर
में आदर्श दलहन ग्राम विकसित किये जायेंंगे।
सूर्य प्रताप शाही द्वारा दलहनी फसलों की जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु सोलर केन्सिंग को बढ़ावा देने के लिए इस मद को केन्द्रीय योजनाओं में सम्मिलित करने का अनुरोध केन्द्रीय कृषि मंत्री जी से किया गया ताकि जिससे दलहन के उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने हेतु कृषकों को प्रेरित किया जा सके। प्रदेश में दलहन के रकबे एवं इसको बढ़ाBvxने की सम्भावनाओं को देखते हुए गत वर्ष में आवंटित 2.05 लाख मिनीकिट्स के समतुल्य इस वर्ष भी मिनीकिट्स की माँग की गयी।
मा० केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा अवगत कराया गया कि अरहर, उर्द एवं मसूर की सम्पूर्ण उत्पादन को एम.एस.पी. पर क्रय करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है ताकि किसान इनके उत्पादन के लिए प्रेरित हो सके।
मा० कृषि मंत्री, उ०प्र० द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2027-28 तक प्रदेश अपनी आवश्यकता के अनुरूप दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जायेगा। इसके साथ ही उनके द्वारा प्रधानमंत्री जी एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा किसानों के हितार्थ किये जा रहे प्रयासों तथा बढ़े हुए एमएसपी की दरों के मद्देनजर प्रदेश के किसानों की तरफ से आभार प्रकट किया गया।



