सहकारिता मंत्री ने की उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम की समीक्षा
सहकारिता मंत्री ने 04 मृतक आश्रितों को प्रदान किये नियुक्ति पत्र

लखनऊ:प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)/अध्यक्ष, उप्र राज्य भण्डारण निगम जे पी.एस. राठौर, ने उप्र राज्य भण्डारण निगम की समीक्षा की। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री द्वारा निगम के 04 मृत कार्मिकों स्व. रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की पत्नी वर्षा श्रीवास्तव, स्व. अनुपम कुमार तेवतिया की पत्नी सारिका को कनिष्ठ कार्यालय सहायक के पद पर तथा स्व. इन्द्र बहादुर यादव की पत्नी कान्ती देवी एवं स्व. नरेन्द्र कुमार की पत्नी रचना देवी को चौकीदार/चपरासी के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी।

समीक्षा के दौरान सहकारिता मंत्री ने निगम में कार्मिकों की उपस्थिति दर्ज करने हेतु इम्प्लाई अटेन्डेन्स एप्लीकेशन मोबाइल एप का शुभारम्भ करते हुए ऐप को निगम की कार्यप्रणाली के अनुरूप अपडेट किये जाने तथा नियमित रूप से कार्मिकों की उपस्थिति ऐप के माध्यम से दर्ज करने एवं सम्पादित किये जाने वाले कार्यों की कार्ययोजना व उनका निस्तारण आदि का विवरण अंकित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम एवं अन्य संस्थाओं के भण्डारण के साथ-साथ प्राइवेट पार्टियों, कृषक/व्यापारियों से भण्डारण प्राप्त कर क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाये तथा भारतीय खाद्य निगम एवं अन्य माल जमाकर्ता संस्थाओं से भण्डारण शुल्क की बकाया धनराशि की वसूली/प्राप्ति अगले माह की 10 तारीख तक अवश्य कर ली जाये ।

श्री राठौर ने निर्देश दिये कि निगम द्वारा तैयार किये गये रोडमैप के अनुरूप डब्लू0डी0आर0ए0 के निर्धारित मानकों को पूर्ण कराते हुए समस्त भण्डारगृहों के पंजीकरण की कार्यवाही शीघ्र अतिशीघ्र पूर्ण की जाये तथा इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराया जाये। उन्होंने कहा कि निगम के समस्त भण्डारगृहों पर सी०सी०टी०वी० कैमरे लगवाने तथा जिन केन्द्रों पर पूर्व से सी०सी०टी०वी० कैमरे लगे है वहाँ पर कार्यशील दशा में बनाये रखा जाये। निगम के समस्त भण्डारगृहों को भारतीय खाद्य निगम के डिपो ऑनलाइन सिस्टम के अर्न्तगत संचालित किया जाये तथा निगम द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी कार्यप्रणाली को संचालित किया जाये।
सहकारिता मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि कृषक प्रसार सेवा योजना (फेस) एवं कीट परिनाशक सेवा योजना (डेस) के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप किसानों को प्रशिक्षित किया जाये तथा कृषकों/व्यापारियों आदि के खाद्यान्न को कीट मुक्त किये जाने का कार्य किया जाये । निगम के आय-व्यय एवं लाभ-हानि के खातों को यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि निगम कार्मिकों की समस्याओं का निराकरण यथाशीघ्र कराते हुए देय लाभ प्रदान किया जाये। निगम के व्यवसाय वृद्धि हेतु विविधिकरण योजनान्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाई एवं जन सेवा केन्द्र (सीएससी) स्थापित किये जाने हेतु स्थान चिन्हित कर कार्यवाही की जाये ।
बैठक के समापन पर प्रबन्ध निदेशक, श्रीकान्त गोस्वामी द्वारा मंत्री जी का धन्यवाद करते हुए आश्वस्त किया गया कि मंत्री जी द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जायेगा ।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी धीरज चन्द्रा, महाप्रबंधक दीपक सिंह, सचिव डा शिवजन्म प्रसाद गौतम एवं निगम के वरिष्ठ अधिकारी व समस्त क्षेत्रीय प्रबन्धक उपस्थित रहे।



