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तृतीय लिंग विमर्श,कल, आज और कल विषयक अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि होंगे जाने माने साहित्यकार एवं कवि प्रेम भारद्वाज ‘ज्ञान भिक्षु ‘

आगामी 3 व 4 फरवरी को पंडरी रायपुर में होगा साहित्यकारों व साहित्यप्रेमियों का संगम

रिपोर्ट विनीता रानी विन्नी

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के मैटस विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा दो दिवसीय तृतीय लिंग विमर्श, कल ,आज और कल विषय पर अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी 3 और 4 फरवरी 2023 को आयोजित होगी. ईंम्पैक्ट सेंटर, मैट्रस यूनिवर्सिटी कैम्पस के पीछे, पंडरी रायपुर में होने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों मे केसरी लाल शर्मा (कुलपति ) प्रेम भारद्वाज ‘ज्ञान भिक्षु ‘(साहित्यकार,सदस्य अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति न्यूयॉर्क, अमेरिका ) प्रो. लता अग्रवाल (वरिष्ठ साहित्यकारा), डां.शहाबुद्दीन नियाज मुहम्मद शेख(अध्यक्ष,भोपाल विश्व हिंदी साहित्य संस्थान ) डां. नूरजहां रहमातुल्लाह (प्रध्यापक,हिंदी विभाग काटन विश्वविद्यालय गोहाटी,असम ) विद्या राजपूत (सदस्य, तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड ,रायपुर छत्तीसगढ़ ) रवीना बरीहा( सदस्य, तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड, रायपुर, छत्तीसगढ़ ) भैरवी अरमानी(प्रथम ज्योतिषी उभयलिंगी समुदाय )मुख्यसंगरक्षक गजराज पगारिया( कुलाधिपति ) प्रियेस पगारिया(महानिदेशक ), संगरक्षक,प्रो. (डां) के पी यादव (कुलपति), डां.दीपिका ढांड (उपकुलपति), डां.ज्योति जनस्वामी (डीन,ऐकेडमिक ) आयोजन समिति गोकुलनन्दा पंडा (कुलसचिव), संयोजक प्रधानाचार्य, संयोजक डां रेशमा अंसारी विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग सह संयोजक, डां. कमलेश गोगिया,सहप्रध्याक विभाग, सदस्य डां रमणी चन्दराकर(सह प्रध्यापक) प्रियंका गोस्वामी सह प्रध्यापक इत्यादि गणमान्य अतिथि होंगे.

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तृतीय लिंग विमर्श, कल ,आज और कल पर अन्तर्राष्ट्रीय
संगोष्ठी के उपविषयों में हिंदी कथा साहित्य और किन्नर विमर्श,तृतीय लिंग विमर्श का इतिहास, आधुनिक हिंदी पद्य साहित्य में किन्नर विमर्श, तृतीय लिंग विमर्श वैश्विक परिदृश्य, बॉलीवुड और तृतीय लिंग, किन्नर समाज के उत्थान में साहित्य का योगदान, तृतीय लिंग समुदाय की अस्मिता एवं समाज, तृतीय लिंग समुदाय के सशक्तिकरण में सरकार की भूमिका, तृतीय लिंग के प्रति समाज का दृष्टिकोण, तृतीय लिंग समुदाय का सामाजिक योगदान, तृतीय लिंग समुदाय के संघर्ष और अकेलेपन का संकट होंगे. उक्त विषयों के अतिरिक्त संदर्भित विषयों पर अन्य शोध पत्र भी आमंत्रित किए गए हैं.

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