कलाकारों की हास्य प्रस्तुति शातिर चोर ईमानदार का मंचन

लखनऊ : उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष मे क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय पर्यटन निर्देशालय उत्तर प्रदेश, नव अंशिका फाउंडेशन & थिएटर एंड फिल्म वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान मे लखनऊ नाट्य समारोह केo अंतर्गत प्रथम दिवस *मदर सेवा संस्थान के चबूतरा थियेटर पाठशाला के कलाकारों की हास्य प्रस्तुति शातिर चोर ईमानदार का मंचन किया गया.

जिसका लेखन एवं निर्देशन मोहम्मद अमन का था । *महेश चन्द्र देवा की परिकल्पना एवं नाट्य दिग्दर्शन* में दिखाया गया है कि एक शातिर चोर यानि की केला चोर बहुत ही नटखट,शरारती और ड्रामे.बाज होता है। केला चोर पहले हरिप्रसाद जैसे बुद्ध इंसान को लूटता है हरिप्रसाद बहुत ही बेवकूफ होता है वह शातिर चोर की साज़िश में आ जाता है और वह अपने घर जाता है तो उसकी बीवी बताती है कि उसने तुम्हें बेवकूफ बनाया है।
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हरिप्रसाद शातिर चोर के खिलाफ थाने में शिक़ायत लिखाता है लेकिन केला चोर थाने में भी हाथ की सफाई करता है । वही हरिप्रसाद की बीवी को पता चलता केला चोर थाने में भी चोरी करके चला गया वह अपने पति हरिप्रसाद को बहुत ताना मारती है और उसे निठल्ला निठल्ला बोलती है । हरिप्रसाद गुस्सें में आकर खुद-ब-खुद लोगो को बेवकूफ बनाना शुरू कर देता है । फिर केला चोर को पता चलता है कि हरिप्रसाद भी अब चोरी करने लगा है तब केला चोर अपनी हकीक़त हरिप्रसाद को बताता है कि वह चोरी अपने स्वार्थ के लिए नहीं करता और अनाथ बच्चों के लिए करता है वह उन्हें पढ़ा लिखा कर एक अच्छा बेहतर इंसान बनाना चाहता है । हरिप्रसाद को जब पता चलता है कि केला चोर इतना ईमानदार है वह अपने स्वार्थ के लिए चोरी नहीं कर रहा तो वह उसका पूरी तरीके से साथ देते हैं फिर वह लोग साथ में लाला झुनझुन मल को लूटते हैं और पुलिस को पता चल जाता है कि लाला के घर में चोरी हुई फिर पुलिस केला चोर हरीप्रसाद दोनों को पकड़ लेती है हरिप्रसाद की बीवी उन पुलिस वाले हकीकत बताते हैं जब उन्हें हकीकत पता चलता है कि वह चोर होकर भी बहुत अच्छा काम करता है पुलिस को जब उसके काम के बारे में पता चलता है तो उसे भी सुनकर अचंभा होता है कि एक चोर इतना ईमानदार हो सकता है पुलिस वाले उसकी सजा कम करवा देते हैं और उसे सुधार गृह में डाल देते हैं यही है शातिर चोर ईमानदार नाटक की कहानी ।
केला चोर – मोहम्मद अमन
हरिप्रसाद – मोहम्मद सैफ
हरिप्रसाद की बीवी – सोनाली वाल्मीकि
इस्पेक्टर – मोहम्मद आरिफ
हवलदार विजय सिंह/ लाला – ॠतिक शाक्य
राहगीर – अनूप कुमार
अनाथ बच्चा – सुमित कनौजिया
*परोक्ष में*
रंगदीपन – तमाल बोस
संगीत संचालन- मो. सैफ,
रूपसज्जा – सोनाली
वेशभूषा – ऋतिक शाक्य
मंच प्रॉपर्टी- सैफ, आरिफ
प्रस्तुति नियंत्रक- किरन लता ।
मंच संचालन कवलजीत सिंह



