
लखनऊ । भादो मास के अंतिम रविवार को शहर के गुइन रोड के करीब स्थित पुराने भैरवजी मंदिर में परंपरागत मेले का आयोजन हुआ। विदित है कि कालका बिंदादीन ड्योढी के निकट लगने वाला यह मेला लखनऊ घराने के कथक विधा के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है।

कथक के सभी गुरु – शिष्य यहां अपने घुंघरुओं का पूजन-अर्चन करने के साथ बाबा भैरव और अपने गुरुओं को नमन करके परंपरा से आशीर्वाद प्राप्त करते आ रहे हैं। आज भी नृत्य कलाकारों के घुँघरुओं की पूजा महंत वीना गिरि ने संपन्न करायी।




