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प्रतियोगी परीक्षाओं का लक्ष्य भेदने वाली किताबों की तलाश

रवीन्द्रालय चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेला : पांचवां दिन

लखनऊ । बात चाहे बौद्धिक तर्क शक्ति की हो या विश्व इतिहास या संख्यात्मक अभियोग्यता की, रवीन्द्रालय चारबाग में चल रहे पुस्तक मेले में कम्पटीशन क्रैक करने को लालायित युवाओं की इच्छित विषय की किताबें पाने की चाह पूरी हो रही है।

लखनऊ पुस्तक मेला का पांचवां दिन आयोजनों भरा रहा। जिंदगी के हर मोड़ पर कम्पटीशन के इस दौर में महाविद्यालयों के छात्र छात्राओं के झुण्ड यहां प्रतियोगी का परीक्षाओं के लिये अपने विषयों की किताबें छांटते दिखायी दे रहे हैं।
उपकार प्रकाशन के स्टाल पर प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित बहुत सी पुस्तकें हैं। यहां नेट जेआरएफ सेट, पुलिस भर्ती, बैंक भर्ती, लेखपाल भर्ती, पालिटेक्निक प्रवेश जैसी परीक्षाओं से जुड़ी किताबें तो हैं ही बच्चों के लिए नवोदय विद्यालय, विद्या ज्ञान स्कूल और सैनिक स्कूल में प्रवेश परीक्षाओं की पुस्तकें तक उपलब्ध हैं। इसके साथ ही अभ्यास करने के लिए प्रैक्टिस शीट्स भी उपलब्ध हैं। सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों की किताबें तो मेरे के अन्य स्टालों पर भी उपलब्ध हैं। भारतीय कला प्रकाशन और नेशनल बुक ट्रस्ट के स्टाल पर संस्कृति और इतिहास से सम्बंधित बहुत ही प्रामाणिक जानकारी वाली पुस्तकें हैं।
साहित्यिक मंच पर आज आयोजनों का शुभारंभ अमेठी के अवधी साहित्य संस्थान की परिचर्चा से हुआ। इं.सुनील कुमार बाजपेयी के संचालन में डा. रामबहादुर मिश्रा ने बताया कि अवधी भाषा को आगे बढाने के लिए हमने लखनऊ के मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय लखनऊ मे अवधी भाषा की कक्षाएं शुरू करायी है। लोहिया विश्वविद्यालय अवध मे दूसरा वर्ष है।
अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा विवेक नौटियाल ने अवधी परम्पराओं को सजोने की बात कही।
इसी क्रम में मीनू खरे ने अवधी हाइकू सुनाये। साथ ही लगभग तीस कवियों ने काव्य पाठ किया।
अरविंद पाण्डेय की पुस्तक व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण के विमोचन के साथ ही इस पर चर्चा में पूर्व सांसद प्रवीण निषाद,
श्रीमती मीना चौबे और डा.पूजा ठाकुर सिकेरा ने विचार व्यक्त किये। सौरभ ने अपनी पुस्तक खट्टे-मीठे अनुभव के बारे में बताया।
अवधी व्यंजन उत्सव में आज लोगों ने दाल के फरे, आलू-कचालू, धनिया के आलू जैसे व्यंजनों का स्वाद लिया। व्यंजन तैयार करने वाली नीलम और ज्योति किरन रतन ने आगंतुकों को इन्हें तैयार करने की विधियां भी बतायीं।
हिन्दी साहित्य अकादमी की शिखा श्रीवास्तव व वंदना श्रीवास्तव के संयोजन और शैलेश माही के संचालन में काव्यगोष्ठी आयोजित की गयी। यहां अनिता मिश्रा, डा. सीमा, कविता मिश्रा, रत्नेश राज, दिव्यांश दिव्यम्, सत्यदेव सिंह, सचिन दीक्षित, शुभम शुक्ल, अजय वर्मा साथी,सुनील मेहरोत्रा, रवीन्द्र श्रीवास्तव, वान्या और रश्मि शरद आदि ने रचनाएं पढ़ीं।
शाम को भुशुण्डि संस्थान की ओर से काव्यमय संगीत कार्यक्रम हुआ।

आज के कार्यक्रम 18 मार्च

पूर्वाह्न 11:00 बजे – विमोचन समारोह- नवसृजन
अपराह्न 2:00 बजे कार्यक्रम साहित्य वीथिका
अपराह्न 3:30 बजे विमोचन- द बुक ग्लोब
शाम 5: 00 बजे पुस्तक चर्चा – विनीत के त्रिपाठी
शाम 5:30 बजे पुस्तक विमोचन – मनीष शुक्ला
शाम 7:30 बजे मुशायरा – मीर तकी मीर फाउंडेशन

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