रक्षाबंधन पर 251 जोड़े करेंगे आचार्य सुबल सागर महाराज का ‘पड़गाहन
लखनऊ। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 28 अगस्त को प्रातः 9 बजे इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में एक अलौकिक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिलेगा। यहाँ चातुर्मास विराजमान आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज एवं उनके संघ की आहार चर्या हेतु 251 सौभाग्यशाली जोड़े (दंपति) एक साथ गुरुदेव का ‘पड़गाहन’ कर आहार दान देंगे।
जैन परंपरा में रक्षाबंधन पर्व का विशेष धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व है। इसी दिन महामुनि विष्णु कुमार ने उपसर्ग दूर कर आचार्य अकंपन देव सहित 700 दिगंबर मुनियों के प्राणों की रक्षा की थी। इस पवित्र स्मृति में जैन धर्मावलंबी मुनिराजों को आहार दान देकर महापुण्य का अर्जन करते हैं। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि इस अभूतपूर्व आयोजन को भव्य रूप देने के लिए व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। आम श्रद्धालु भी आचार्य श्री की चर्या का दर्शन लाभ उठा सकें, इसके लिए मंदिर परिसर में बड़ी एल.ई.डी. (LED) स्क्रीन के माध्यम से सजीव प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई है।
इस भव्य आयोजन को लेकर संपूर्ण जैन समाज में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल है।



