गोदरेज प्रॉपर्टीज ने वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में 8,008 करोड़ रुपये और पहली छमाही में 16,659 करोड़ रुपये की बुकिंग हासिल की
नोएडा : देश की प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर कंपनियों में शामिल गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड (जीपीएल) ने 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए।
कंपनी से जुड़ी मुख्य बातें:
• बिक्री से जुड़ी मुख्य बातें
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में 8,008 करोड़ रुपये की बुकिंग हासिल की। यह बुकिंग 3,658 यूनिट्स की बिक्री से हुई, जिनका कुल क्षेत्रफल 62 लाख वर्ग फुट है।
वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में बुकिंग सालाना आधार पर 7% बढ़कर 16,659 करोड़ रुपये हो गई। यह बुकिंग 7,396 यूनिट्स की बिक्री से हुई, जिनका कुल क्षेत्रफल 1.23 करोड़ वर्ग फुट है। गोदरेज प्रॉपर्टीज के इतिहास में किसी भी पहली छमाही की यह अब तक की सबसे ज्यादा बुकिंग है।
सस्टेनेंस सेल्स के लिहाज से वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही अब तक की सबसे अच्छी रही। सस्टेनेंस सेल्स सालाना आधार पर 83% और तिमाही आधार पर 43% बढ़ी। पहली छमाही में इसमें 55% की बढ़ोतरी हुई। इस तिमाही में तीन प्रोजेक्ट्स ने सस्टेनेंस सेल्स में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान दिया। ये प्रोजेक्ट हैं एमएमआर का गोदरेज ट्रिलॉजी, बेंगलुरु का गोदरेज वनंतरा और गुरुग्राम का गोदरेज समारिस।
दूसरी तिमाही की बिक्री में कुछ अहम नए प्रोजेक्ट्स को मिली जोरदार मांग ने भी अहम भूमिका निभाई। इनमें नोएडा का गोदरेज क्राउन रेजिडेंसेज (1,036 करोड़ रुपये) और बेंगलुरु के गोदरेज रीजेंट पार्क (463 करोड़ रुपये) व गोदरेज फ्लोरेन (142 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इनके साथ दो प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स भी हैं: नागपुर का रिवरशोर एस्टेट (310 करोड़ रुपये) और रायपुर का ग्रीनवेल एस्टेट (276 करोड़ रुपये)। पहली तिमाही के आखिर में लॉन्च हुए हैदराबाद के गोदरेज ब्रुकलिन एवेन्यू से भी 727 करोड़ रुपये की बुकिंग मिली।
यह प्रदर्शन बड़े और विविध पोर्टफोलियो की बदौलत संभव हुआ। इस तिमाही में पांच प्रोजेक्ट्स में से हर एक ने 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बुकिंग दिलाई, जबकि छह प्रोजेक्ट्स में से हर एक का योगदान 200 से 500 करोड़ रुपये के बीच रहा।
इस तिमाही में कंपनी की बिक्री अलग-अलग इलाकों में अच्छी तरह बंटी हुई थी, और इसका बड़ा हिस्सा प्रमुख आवासीय बाजारों से आया: एनसीआर (1,926 करोड़ रुपये), एमएमआर (1,899 करोड़ रुपये), बेंगलुरु (1,564 करोड़ रुपये), पुणे (976 करोड़ रुपये), हैदराबाद (782 करोड़ रुपये) और अन्य शहर (861 करोड़ रुपये)।
यह लगातार सातवीं तिमाही है जिसमें जीपीएल ने 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बुकिंग की। साथ ही यह लगातार 13वीं तिमाही है जिसमें बुकिंग 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही।
कलेक्शन और कैश फ्लो से जुड़ी मुख्य बातें
कंपनी ने किसी भी साल की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन किया। वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में कलेक्शन सालाना आधार पर 31% बढ़कर 5,318 करोड़ रुपये और पहली छमाही में 25% बढ़कर 9,666 करोड़ रुपये रहा।
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में ऑपरेटिंग कैश फ्लो तिमाही आधार पर 297% और सालाना आधार पर 33% बढ़कर 1,584 करोड़ रुपये हो गया। इसके साथ पहली छमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 1,983 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में निर्माण और उससे जुड़ा खर्च सालाना आधार पर 31% और पहली छमाही में 42% बढ़ा।
बिजनेस डेवलपमेंट से जुड़ी मुख्य बातें
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में जीपीएल ने एक नया प्रोजेक्ट जोड़ा। इसका अनुमानित बिक्री योग्य क्षेत्र करीब 11 लाख वर्ग फुट है और इससे 6,000 करोड़ रुपये की बुकिंग की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में जीपीएल ने चार नए प्रोजेक्ट्स जोड़े। इनका अनुमानित बिक्री योग्य क्षेत्र करीब 91 लाख वर्ग फुट है और इनसे 15,500 करोड़ रुपये की बुकिंग की उम्मीद है। इस तरह कंपनी ने पूरे साल की गाइडेंस (अनुमान) का 78% हासिल कर लिया है।
अन्य मुख्य बातें
जीपीएल ने वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में 25 लाख वर्ग फुट के प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी की।
ग्लोबल रियल एस्टेट सस्टेनेबिलिटी बेंचमार्क (जीआरईएसबी) की 2026 की रैंकिंग में गोदरेज प्रॉपर्टीज 100 में से 100 स्कोर के साथ लगातार दूसरे साल दुनिया में पहले स्थान पर रही।
एनडीटीवी ने गोदरेज प्रॉपर्टीज को ‘ग्रीन चैंपियन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड दिया।
जीपीएल को वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में 59 अवॉर्ड मिले।
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के प्रदर्शन पर गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड के चेयरपर्सन श्री पिरोजशा गोदरेज ने कहा, “इस तिमाही में मुनाफे और बुकिंग के कुछ प्रमुख आंकड़े भले ही फीके दिख रहे हों, पर कामकाज के लिहाज से दूसरी तिमाही बहुत मजबूत रही। सालाना आधार पर सस्टेनेंस सेल्स 83% बढ़कर 5,054 करोड़ रुपये और कैश कलेक्शन 31% बढ़कर 5,318 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वित्त वर्ष की पहली छमाही में हमने पूरे साल की अनुमानित लॉन्च पाइपलाइन का सिर्फ एक तिहाई हिस्सा लॉन्च किया। इसके बावजूद हमने सालाना बुकिंग गाइडेंस का 43% हासिल कर लिया। इससे पता चलता है कि सेक्टर में बुनियादी मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
हमारी लॉन्च पाइपलाइन पहले कभी इतनी मजबूत नहीं रही। इस महीने से लॉन्च की रफ्तार काफी तेज हो रही है, और हमें पूरा भरोसा है कि सभी प्रमुख ऑपरेटिंग पैमानों पर हम पूरे साल की गाइडेंस से आगे निकलेंगे। हमारा खास ध्यान मजबूत कैश फ्लो जुटाने पर है। वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में हम 15,000 करोड़ रुपये के कलेक्शन और 7,000 करोड़ रुपये के ऑपरेटिंग कैश फ्लो की उम्मीद कर रहे हैं। इससे हम इस अवधि में फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव रहते हुए लगातार ग्रोथ के लिए निवेश भी कर पाएंगे। वित्त वर्ष 28 कंपनी के लिए अहम साल है। पिछले कुछ वर्षों की असाधारण ग्रोथ इसी साल प्रोजेक्ट कंप्लीशन अकाउंटिंग के तहत रिपोर्ट होने वाले वित्तीय नतीजों में साफ दिखने लगेगी। इस साल पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो और 20% रिपोर्टेड आरओई, दोनों हासिल होने का अनुमान है।
हम आगे के अवसरों को लेकर बेहद उत्साहित हैं। बेहतरीन डिजाइन, समय पर डिलीवरी और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोजेक्ट्स के जरिए हम अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश जारी रखेंगे।”
वित्तीय नतीजों पर एक नजर (समेकित)
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही बनाम वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही
कुल आय 38% बढ़कर 2,575 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,867 करोड़ रुपये थी।
एबिटडा 72% घटकर 171 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 614 करोड़ रुपये था।
शुद्ध मुनाफा 62% घटकर 154 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 405 करोड़ रुपये था।
प्रति शेयर आय (ईपीएस#) 5.12 रुपये रही, जो पिछले साल 13.45 रुपये थी।
#वार्षिक आधार पर नहीं
वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही बनाम वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही
कुल आय 13% बढ़कर 3,912 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 3,460 करोड़ रुपये थी।
एबिटडा 53% घटकर 717 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 1,529 करोड़ रुपये था।
शुद्ध मुनाफा 50% घटकर 504 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 1,005 करोड़ रुपये था।
प्रति शेयर आय (ईपीएस#) 16.74 रुपये रही, जो पिछले सालmk 33.37 रुपये थी।


