दिल्ली विश्वविद्यालय की युवा संगम फेज – 7 टीम को तमिलनाडु के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ाना है : प्रो. के.पी.सिंह

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध युवा संगम फेज –7 टीम शनिवार को गाँधी भवन के प्रांगण में एकत्रित हुई । यहाँ से एक 56 सदस्यीय टीम को केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के लिए मुख्य अतिथि दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी व शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । इस अवसर पर श्रीयंश मोहन , शिक्षा मंत्रालय, डॉ. नरेश ग्रोवर, निदेशक ( एआईसीटी ) श्री जय सिंह , निदेशक , विदेश मंत्रालय व नोडल ऑफिसर , डीयू युवा संगम फेज – 7 प्रोफेसर के.पी. सिंह आदि उपस्थित रहे ।
युवाओं ने जोश भरने वाले नारे लगाए — युवा संगम है शान हमारी , यही है पहचान हमारी , ना जात , ना पात , युवा संगम का यही है साथ , अलग- अलग भाषा , अलग वेश , युवा संगम एक संदेश , कश्मीर से कन्याकुमारी , युवा संगम सबसे भारी , एक युवा सौ विचार , युवा संगम का यही प्रचार , हाथ में हाथ , युवा का साथ , युवा संगम के साथ , युवा संगम करेगा कमाल , बदलेगा भारत का हाल , अनेकता में एकता , यही है भारत की विशेषता , एक भारत श्रेष्ठ भारत , यही है हमारा नारा , यही है सपना प्यारा , आदि नारों से दिल्ली विश्वविद्यालय गुंजायमान हो गया । गाँधी भवन में छात्रों ने लगभग आधे घंटे तक नारे लगाए ।
एक भारत श्रेष्ठ भारत, भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है । डीयू युवा संगम फेज -7 के मुख्य संरक्षक कुलगुरु प्रोफेसर योगेश सिंह एवं कुलसचिव संरक्षक डॉ. विकास गुप्ता ने भी इस सुरक्षित व सुखद यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दी है और कहा कि अनेकता में एकता , यही है भारत की विशेषता । इस टीम में शिक्षक प्रतिनिधियों में प्रो. एम.थिरुमल , डॉ. नरेंद्र कुमार बिश्नोई , डॉ. विनय कुमार गुप्ता , डॉ. चेतना गुप्ता , डॉ. एकता रमन , डॉ. मीनू आदि हैं। यह टीम 24 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के नेतृत्व में राज्य का भ्रमण करेगी । इस अवसर पर विभिन्न विभागों , कॉलेजों के प्रिंसिपल , डीन, डायरेक्टर व शिक्षक उपस्थित रहे । मंच संचालन युवा संगम की सदस्य प्रोफेसर चारू कालरा ने किया ।
युवा संगम टीम को रवाना करने से पूर्व शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी श्री यांश मोहन , श्री नरेश ग्रोवर ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत युवाओं को अपनी संस्कृति , साहित्य और समाज से जोड़ने का माध्यम है । उन्होंने बताया कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश की विविध संस्कृतियों, भाषाओं, परंपराओं और जीवन शैलियों के बीच आपसी समझ एवं एकता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति, कला, साहित्य और परंपराओं से परिचित कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर परिणाम दे रहे हैं, शिक्षा , खेल , सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बढ़चढकर भाग ले रहे हैं ।
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर, गाँधी भवन के निदेशक प्रोफेसर के.पी.सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, सद्भाव और देशभक्ति की भावना मजबूत होती है। यह पहल विविधता में एकता के भारतीय आदर्श को साकार करते हुए राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘ एक भारत, श्रेष्ठ भारत ‘ पहल के अंतर्गत युवा संगम कार्यक्रम का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य देश के युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और पारस्परिक सहयोग की भावना विकसित करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों की संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेशभूषा, ऐतिहासिक स्थलों और विकास व नवाचार गतिविधियों को समझने का अवसर मिलता है । उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय से 56 सदस्यों का एक दल (50 छात्र और 6 शिक्षक ) 24 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के स्थलों का भ्रमण करेगी।
गाँधी भवन के संयुक्त निदेशक प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया है कि युवाओं के लिए एक सप्ताह शैक्षिक और सांस्कृतिक यात्रा के माध्यम से भारत की विविधता और एकता को बेहतर ढ़ंग से समझने , सराहने का अवसर मिलेगा । यह कार्यक्रम पाँच स्तंभों ( 5 PS) पर केंद्रित है — पर्यटन , परंपरा , प्रगति , परस्पर संपर्क और प्रौद्योगिकी । शिक्षा मंत्रालय के विजन और दिशा निर्देशों के अनुरूप ही इस कार्यक्रम को पूरा करने का लक्ष्य है । उन्होंने बताया है कि हमारे इन विद्यार्थियों को भारत की साझा संस्कृति, साहित्य और भाषा आदि को जानने का अवसर मिलेगा । बता दें कि इस टीम में डीयू के विभिन्न कॉलेजों, डीटीयू , जेएनयू , अम्बेडकर यूनिवर्सिटी , जेएमआई, आई पी यूनिवर्सिटी , एनएसयूटी आदि यूनिवर्सिटी के छात्र – छात्राएं भाग ले रहे हैं । जो पूरे सप्ताह विद्यार्थियों के साथ भ्रमण पर रहेंगे ।


