दस अवतार और अंधकासुर वध की नृत्य-नाटिका रही आकर्षण का केंद्र
झूलेलाल वाटिका में भजन संध्या ने बांधा समां

लखनऊ। झूलेलाल वाटिका में चल रहे मनौतियों के राजा गणेशोत्सव में मंगलवार को कोलकाता के प्रसिद्ध निर्देशक संजय शर्मा के निर्देशन में भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत महुआ टीवी के सुर-संग्राम विजेता भजन गायक अशोक कुमार ने _”भोले का दीवाना”, “ये रामराज है”, “एक बार जो रघुवर की नजर का इशारा हो जाए”_ और _”बम बम बोल रही है काशी”_ जैसे भजनों से की। उनके भजनों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया और “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से गूंज उठा। भजन संध्या के बाद कलाकारों ने भगवान विष्णु के दस अवतारों को नृत्य-नाटिका के रूप में मंच पर जीवंत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

इसके पश्चात संजय शर्मा और उनकी टीम द्वारा अंधकासुर वध की अद्भुत नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें दिखाया गया कि माता पार्वती के पसीने से जन्मा पुत्र अंधकासुर अपनी शक्तियों से संसार को त्रस्त करने लगा, तब भगवान शंकर ने काल भैरव का रूप धारण कर उसका वध किया। मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि 23 सितंबर को पाशांकुश पूजन, मध्याह्न 12 बजे होगा। इस मौके पर संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, पार्षद रंजीत सिंह, जय करन सिंह, अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी, गोपाल अग्रवाल, सुधांशु बाथम आदि लोग मौजूद रहे।
उत्सव के मुख्य आकर्षण
23 सितंबर: पाशांकुश पूजन, मध्याह्न 12 बजे
24 सितंबर: महाभिषेक, मध्याह्न 12 बजे तथा महामोदक, रात्रि 8 बजे
नगर में आज
“मनौतियों के राजा” पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम, झूलेलाल वाटिका गोमती तट, शाम 7:00 बजे।



