उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

उत्तर प्रदेश के दलित समाज पर कुठाराघात कर रही है भाजपा सरकार ::राजेन्द्र पाल गौतम

नरेन्द्र मोदी और योगी आदित्यनाथ अनुसूचित जाति के साथ न्याय करेंगे, उम्मीद नहीं है :  राजेन्द्र पाल गौतम

लखनऊ । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम जी पूर्व मंत्री ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र और प्रदेश सरकार जो कि देश की एक बहुत बड़ी आबादी अनुसूचित जाति-जनजाति की है, उनके अधिकारों पर लगातार कुठाराघात कर रही हैं, हमला कर रही है। उन्होने कड़े शब्दों में कहा, वैसे तो हम योगी जी और मोदी जी से यह उम्मीद भी नहीं करते कि वो अनुसूचित जाति और जनजाति (एससी/एसटी) के साथ किसी प्रकार का न्याय करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के संविधान को नहीं मानते हैं। भाजपा की नीतियां हमेशा से वंचितों के हक को दबाने वाली रही हैं।

उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, अम्बेडकरनगर, कन्नौज एवं जालौन स्थित चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों का निर्माण अनुसूचित जाति कल्याण के लिए निर्धारित स्पेशल कंपोनेंट प्लान (एससीपी) के धन द्वारा किया गया, जिसमें 70 प्रतिशत दलित समाज के छात्रों के लिए सीटें आरक्षित की गयीं और इन मेडिकल कालेजों में 200 सीटें निर्धारित की गयी थीं। उन्होने कहा कि कोर्ट में एक निजी याचिका दायर की गयी जिसमें वर्ष 2025 में मा0 उच्च न्यायालय में राज्य विधि अधिकारी ने सरकार की नीति एवं सरकार के पक्ष को विधि परक रूप से नहीं रखा जिसके कारण मा0 उच्च न्यायालय ने नीतिगत प्रावधानों को समाप्त करने का आदेश कर दिया जबकि डबल बेंच में मामला अभी लम्बित था। उन्होने इससे इन मेडिकल कालेजों में 70 प्रतिशत दलित वर्ग के छात्रों को प्रवेश मिलता था वह 21 प्रतिशत हो गया और स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के तहत दलित वर्ग के छात्रों को मिलने वाली सभी सुविधाओं से वंचित कर दिया गया।

उन्होने कहा कि यदि किन्तु आरक्षण व्यवस्था पर न्यायालय में चल रही कार्यवाही के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया होता तो दलित समाज के छात्रों का इतना बड़ा अहित न हो पाता। इससे भाजपा की दलित समाज के प्रति भाजपा और आरएसएस की मंशा जगजाहिर हुई है।

उन्होने कहा कि आजादी के 28 साल गुजर जाने के बाद आज देश के दलितों, वंचितों की स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं दिख रहा था, तब कांग्रेस पार्टी ने साल 1975 और 1978 में अनुसूचित जाति और जनजाति की स्थिति पर एक विस्तृत स्टडी कराई थी। इस स्टडी की रिपोर्ट के आधार पर, दलितों के उत्थान के लिए एक विशेष योजना तैयार की गई। योजना आयोग के माध्यम से साल 1978-79 में शेड्यूल कास्ट कंपोनेंट प्लान एण्ड ट्राइबल सब-प्लान(एस0सी0पी0) की नींव रखी गई, ताकि बजट का एक निश्चित हिस्सा सीधे तौर पर दलित समाज के कल्याण और उनकी शिक्षा पर खर्च हो सके।

इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी नियम यह है कि अगर कोई भी सरकार इस विशेष कंपोनेंट प्लान के फंड को निर्धारित वित्तीय वर्ष में खर्च नहीं कर पाती, तो उसे कैरी फॉरवर्ड किया जाना अनिवार्य है। इसका मतलब यह है कि बचा हुआ पैसा लैप्स (निरस्त) नहीं हो सकता, बल्कि उसे अगले साल के बजट में जोड़कर सिर्फ और सिर्फ दलित समाज के विकास कार्यों पर ही खर्च करना होगा।

उन्होने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार इस नियम की धज्जियां उड़ा रही है और दलितों के हक के पैसे को डाइवर्ट या लैप्स किया जा रहा है, जिससे दलित समाज के युवाओं की छात्रवृत्ति और उनके छात्रावासों का विकास पूरी तरह ठप पड़ गया है। उन्होने कहा है कि अनुसूचित जाति, अनु0जाति जनजाति के युवाओं, छात्रों के हक की इस लड़ाई को सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ा जाएगा।

प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव-सहप्रभारी उ.प्र. संजीव आर्य, मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद, वाइस चेयरमैन  प्रियंका गुप्ता, जोनल कोआर्डिनेटर  पुनीत पाठक, प्रदेश प्रवक्ता  सचिन रावत,  सिद्धिश्री, मान सिंह चौहान,  हम्माम वहीद आदि मौजूद रहे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button