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मैलानी जं. पर ‘स्टेशन महोत्सव’ का भव्य आयोजन

लखनऊ । रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार सम्पूर्ण भारतीय रेल में चयनित स्टेशनों पर ‘स्टेशन महोत्सव’ आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल के मैलानी जं. स्टेशन पर मण्डल रेल प्रबंधक  गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरिज एंड वैगन) समन्वय निलेश सिंह की उपस्थिति में ‘स्टेशन महोत्सव’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

भारतीय रेल की धरोहर मैलानी-नानपारा मीटर गेज लाइन को समर्पित इस महोत्सव में स्टेशन परिसर में स्काउट एवं गाइड के बच्चों तथा मण्डल के कलाकारों ने संस्कृति, देशभक्ति एवं सामाजिक एकता पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिसने यात्रियों और स्थानीय नागरिकों का मन मोह लिया। इसके साथ ही आम जनमानस की जागरूकता हेतु मण्डल की संरक्षा टीम द्वारा ‘संरक्षा’ पर आधारित नुक्कड नाटक की प्रस्तुति दी गयी। इसके उपरांत मैलानी जं पर कार्यरत विभिन्न विभाग के 12 वरिष्ठ कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया।
मैलानी जंक्शन केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि भारतीय रेल की हैरिटेज विरासत का जीवंत संग्रहालय है। यह भारतीय रेल की ऐसी एमजी लाइन है जो इतिहास को वर्तमान से जोड़ती है। लखनऊ मण्डल गौरवशाली है कि उसके पास देश का सबसे आधुनिक स्टेशन गोमतीनगर और पुरातन हैरिटेज लाइन मैलानी-नानपारा दोनों मौजूद हैं। स्टेशन महोत्सव का उद्देश्य विरासत को संजोते हुए यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छता और सुखद अनुभव प्रदान करना है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, यात्री एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मैलानी जंक्शन रेलवे स्टेशन – ऐतिहासिक यात्रा (141 वर्ष)

मैलानी जंक्शन रेलवे स्टेशन 141 वर्षों से न केवल पटरियों को जोड़ रहा है, बल्कि अनगिनत दिलों, यादों और मंजिलों का साक्षी रहा है। 1885 में स्थापित यह स्टेशन केवल लोहे की पटरियों और पत्थरों की इमारत मात्र नहीं है, बल्कि इस पूरे तराई क्षेत्र की प्रगति, स्मृतियों और अनगिनत यात्राओं का साक्षी रहा है। औपनिवेशिक काल में जब इस स्टेशन की नींव रखी गई थी, तब इसका मुख्य उद्देश्य तराई के सघन वन क्षेत्र से लकड़ी और स्थानीय संसाधनों का परिवहन करना था। धीरे-धीरे यह स्टेशन जन-सामान्य की जीवनरेखा बन गया। मैलानी जंक्शन की असली पहचान ‘छोटी लाइन’ यानी मीटरगेज नेटवर्क से बनी। दशकों तक यह स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे के एक प्रमुख जंक्शन के रूप में लखनऊ, पीलीभीत, बरेली और लखीमपुर को आपस में जोड़ता रहा। भाप के इंजनों की छुक-छुक से लेकर डीजल इंजनों की गूंज तक, इस स्टेशन ने रेल इतिहास के हर दौर को करीब से देखा है।

आधुनिकीकरण का सफर:

1. छोटी लाइन (मीटरगेज) का दौर समाप्त कर इसे बड़ी लाइन (ब्रॉडगेज) से जोड़ा गया, जिससे देश के बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी संभव हो सकी।
2. अब यह स्टेशन पूरी तरह इलेक्ट्रिक ट्रेन रूट से जुड़ चुका है, जिससे ट्रेनों की गति में वृद्धि हुई है और प्रदूषण कम हुआ है।
3. स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है— जैसे बेहतर वेटिंग हॉल, आधुनिक प्लेटफॉर्म, वाई-फाई सुविधा, डिजिटल डिस्प्ले और सुगम पहुंच मार्ग।
4. अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और CCTV निगरानी व्यवस्था से यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। मैलानी जंक्शन उत्तर प्रदेश के तराई अंचल में स्थित होने के कारण पर्यटन का महत्वपूर्ण गेटवे है। विश्व प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क जाने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह प्रमुख निकटतम जंक्शन है। मैलानी से नानपारा/बहराइच के बीच जंगलों से होकर गुजरने वाला रेल मार्ग अपने प्राकृतिक सौंदर्य और हेरिटेज व्यू के लिए प्रसिद्ध है।

 

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