कला आचार्य प्रदर्शनी–2026” के लिए कला शिक्षकों से मौलिक कलाकृतियां आमंत्रित
लखनऊ-प्रयागराज क्षेत्र के नौ जनपदों के दृश्यकला शिक्षकों को मिलेगा अपनी कला प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर
लखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) के मार्गदर्शन में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में “कला आचार्य प्रदर्शनी–2026” का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी के माध्यम से लखनऊ-प्रयागराज क्षेत्र के कला शिक्षकों एवं कला आचार्यों को अपनी सृजनात्मक प्रतिभा और कलाकृतियों को एक प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
यह प्रदर्शनी कला निकेतन सोसायटी, उत्तर प्रदेश एवं आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को आर्टेलिया आर्ट गैलरी, लखनऊ में आयोजित की जाएगी।
प्रदर्शनी में लखनऊ, प्रयागराज, चित्रकूट, उन्नाव, अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़, कौशांबी एवं बाराबंकी जनपदों के इंटर कॉलेज, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में कार्यरत दृश्यकला विषय के शिक्षक एवं कला आचार्य प्रतिभाग कर सकेंगे।
एक शिक्षक–एक मौलिक कलाकृति
प्रदर्शनी में प्रत्येक शिक्षक द्वारा केवल एक मौलिक कलाकृति प्रस्तुत की जा सकेगी। कलाकृति विगत पांच वर्षों में निर्मित होनी चाहिए। पूर्व में राज्य ललित कला अकादमी की किसी प्रदर्शनी में प्रदर्शित की जा चुकी कलाकृति स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलाकृति का अधिकतम आकार 3 × 3 फुट निर्धारित किया गया है। प्रतिभागियों को फॉर्म के साथ अपना संक्षिप्त जीवन परिचय, छायाचित्र, कलाकृति का विवरण तथा कलाकृति का स्पष्ट छायाचित्र उपलब्ध कराना होगा।
18 सितंबर तक करना होगा आवेदन
इच्छुक कला शिक्षक 18 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रपत्र राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश, कला निकेतन सोसायटी, उत्तर प्रदेश अथवा आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, लखनऊ से प्राप्त किया जा सकता है।
पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन प्रपत्र एवं आवश्यक दस्तावेज केवल आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, लखनऊ- 226012 में ही जमा करना होगा।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक कलाकृति प्राप्त न होने की स्थिति में उसे प्रदर्शनी में प्रदर्शित कर पाना संभव नहीं होगा। इसलिए प्रतिभागियों से निर्धारित समय-सीमा का विशेष रूप से पालन करने की अपील की गई है।
प्रदर्शनी में सहभागिता करने वाले कला शिक्षकों को राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
प्रदर्शनी समाप्त होने के बाद प्रत्येक प्रतिभागी को तीन दिवस के भीतर अपनी कलाकृति प्राप्त करनी होगी। निर्धारित अवधि में कलाकृति प्राप्त न करने की स्थिति में किसी भी दशा में राज्य ललित कला अकादमी अथवा संयोजक की जिम्मेदारी नहीं होगी।
कला शिक्षकों से सहभागिता की अपील
संयोजक अभिनव दीप(Mo No 9918533434)ने लखनऊ-प्रयागराज क्षेत्र के सभी पात्र कला शिक्षकों एवं कला आचार्यों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपनी मौलिक कलाकृतियों के साथ प्रदर्शनी में सहभागिता करें और “कला आचार्य प्रदर्शनी–2026” को सफल बनाएं।



