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गंगा आरती के साथ सम्पन्न हुआ दो दिवसीय भव्य श्रीराम हनुमत महोत्सव

अंतरराष्ट्रीय भजन गायक जय पांडे 'कोकिल' और तबला वादक श्रीप्रकाश पांडे ने आयोजन को परवान चढ़ाया

लखनऊ । हनुमत सेवा समिति द्वारा “श्रीराम हनुमत महोत्सव” का आयोजन 16 और 17 मई को बलरामपुर गार्डन परिसर में किया गया। इस आध्यात्मिक समारोह में हनुमान महाराज के दिव्य दरबार दर्शन के साथ-साथ लखनऊ में प्रथम बार छत्तीसगढ़ के रामनामी समुदाय के कुंजबिहारी, सेतबाई, गुलाराम, रामभक्त, गीताबाई से आशीर्वाद प्राप्त करने का भक्तों को सुनहरा अवसर भी मिला। इस सम्प्रदाय के संस्थापक भगवान परशुराम है। इसके अनुयायी अपने शरीर पर “राम” शब्द का गोदना गुदवाते हैं और “राम” शब्द छपे शॉल और मोर के पंखों से बने मुकुट पहनते हैं।

प्रेम कान्त तिवारी के प्रभावी संचालन में हुए इस आध्यात्मिक अनुष्ठान के दूसरे दिन 17 मई को मंगलाचरण के उपरांत दिल्ली निवासी विश्वविख्यात स्वर सम्राट अजय याज्ञनिक द्वारा सुंदरकांड का सस्वर सामूहिक पाठ किया गया। स्वर सम्राट अजय याज्ञनिक द्वारा किया जाने वाला सुंदरकांड पाठ अपनी दिव्यता, सुमधुर संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। उनके पाठ की मुख्य विशेषता है कि वे केवल चौपाइयाँ गाते नहीं हैं, बल्कि उनके गूढ़ अर्थों को बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से भक्तों को समझाते भी हैं।


अंतरराष्ट्रीय भजन गायक जय पांडे ‘कोकिल’ के सुमधुर भजनों ने भक्तों को आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया। उन्होंने “ओम मंगलम ओमकार मंगलम” के मधुर गान के उपरांत रामायण की चौपाइयां सुनायी। “राम कहानी सुनो हे राम कहानी” के प्रभावी प्रस्तुति के क्रम में उन्होंने “छम छम नाचे वीर हनुमान”, “बजरंगबली मेरी नाव चली”, “लाल लंगोटा हाथ में फोटो” सुनाकर इस शाम को शिखर पर पहुंचा दिया। इसके उपरांत तबले पर प्रभावी संगत दे रहे अंतरराष्ट्रीय तबला वादक श्रीप्रकाश पांडे ने सीताराम-सीताराम की ध्वनि ही नहीं रथ और घोड़े की सटीक ध्वनी तबले पर स्वरित कर प्रशंसकों की तालियां अर्जित की। इस प्रस्तुति में वायलिन का सुमधुर वादन पंडित सुखदेव मिश्र ने किया।
इस समारोह का केन्द्रीय आकर्षण गंगा महाआरती रही। उसके बाद दिव्य हनुमंत भंडारा हुआ।
इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न विभूतियों को “हनुमंत कृपा सम्मान” भी प्रदान किया गया। इसमें आमंत्रित हस्तियों में आईएएस एस.मिनिस्थी के साथ वरिष्ठ समाजसेवी अंशुमाली शर्मा, बी.डी. मिश्रा, सरिता सतपथी, डॉ. प्रवीन सिंह, डॉ. पी.के. शुक्ला, डांस कोरियोग्राफर रत्ना अस्थाना शामिल रही।
महोत्सव के मुख्य सेवादार विवेक पाण्डेय के अनुसार इस सनातनी जनजागृति एवं सर्व कल्याण के भव्य अनुष्ठान में विभिन्न महानुभावों का सहयोग भी मिला। डी.एल.डब्यू. कॉलेज रोड स्थित श्री बाबूलाल मिष्ठान भण्डार के निदेशक अनुज गुप्ता एवं संजय गुप्ता ने प्रसाद में सहयोग दिया। गोमती नगर स्थित अरोड़ा डिपार्टमेंटल स्टोर के चेयरमैन दीपक अरोड़ा ने भण्डारे में सहयोग प्रदान किया। इस के साथ ही कैसरबाग स्थित श्री बजरंग टायर्स एवं श्री बजरंग लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन प्रवेश कुमार सिंह नन्दू भइया, अलीगंज स्थित एम.डी. कुक्ड किराना स्टोर के राजेश पाठक, मित्तल मिशन ठाकुरगंज के मित्तल मिशन के मैनेजिंग डायरेक्टर विजय मित्तल, सदर चौराहा स्थित गायत्री मिष्ठान भण्डार के निदेशक सुनील कुमार वैश्य, चौक स्थित कनक मार्केट के बीना इंटरप्राइजेज के अनुराग कपूर एवं राजीव टंडन, सुंदर मेडिकल स्टोर के चेयरमैन अजय कुमार अग्रवाल, इंदिरानगर स्थित नवयुग इंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर शशि प्रकाश सिंह ने भी भंडारे, प्रसाद एवं छप्पन भोग आदि में सहयोग दिया।
बताते चलें कि इस समारोह के पहले दिन मंगलाचरण के उपरांत मुम्बई से आमंत्रित विश्व विख्यात भजन गायक प्रेम प्रकाश दुबे द्वारा हनुमान चालीसा का 21 स्वरों में सामूहिक पाठ किया गया वहीं नैमिषारण्य, सीतापुर से आमंत्रित प्रख्यात कथावाचक कपिल शास्त्री जी द्वारा “और देवता चित्त न धरई, हनुमंत सेई सर्व सुख करई” विषय पर विलक्षण व्याख्यान दिया गया। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न विभूतियों को “हनुमंत कृपा सम्मान” भी प्रदान किया गया। अंत में ज्योति प्रार्थना एवं आरती के उपरांत प्रसाद एवं दिव्य हनुमंत भंडारा का वितरण किया गया था।

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