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कुलजीत सिंह चहल ने NDMC की मानसून कार्ययोजना–2026 जारी की

 

*• कुलजीत सिंह चहल ने NDMC की मानसून कार्ययोजना–2026 जारी की*
_• ताज मानसिंह के पास Q प्वाइंट पर भूमिगत नालों का सर्वे पहली बार रोबोटिक तकनीक के द्वारा_
_• पहले चरण की 100% डी-सिल्टिंग पूरी कर ली_

*नई दिल्ली : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के सुरक्षित, स्वच्छ और स्मार्ट शहरी व्यवस्था के विजन के अनुरूप, मानसून के दौरान सुचारु नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्र में आगामी मानसून सीजन में जलभराव की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से परिषद के उपाध्यक्ष  कुलजीत सिंह चहल ने  नई दिल्ली नगरपालिका परिषद की व्यापक मानसून कार्ययोजना–2026 की जानकारी दी ।

श्री चहल ने कहा कि यह कार्ययोजना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्मार्ट, स्वच्छ और तकनीक आधारित शहरी प्रशासन” के विजन के अनुरूप तैयार की गई है, ताकि नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने बताया कि इस कार्ययोजना में मानसून से पहले की तैयारी, बारिश के दौरान आपातकालीन व्यवस्था और मानसून के बाद क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत शामिल है। NDMC ने 31 मार्च 2026 तक पहले चरण की 100% डी-सिल्टिंग पूरी कर ली है, जबकि दूसरा चरण 15 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि NDMC ने भूमिगत ड्रेनेज नेटवर्क जैसे बेल माउथ, गली ट्रैप, कनेक्टिंग पाइप, मैनहोल और ब्रिक बैरल ड्रेन की GIS मैपिंग शुरू की है, जिससे जलभराव वाले स्थानों की बेहतर निगरानी और योजना बनाने में मदद मिलेगी।

श्री चहल ने कहा कि NDMC की पूरी टीम दिन-रात कार्य कर रही है ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। NDMC द्वारा नालों, स्टॉर्म वाटर चैनलों, बेल माउथ और गली ट्रैप की व्यापक सफाई और डी-सिल्टिंग की जा रही है। साथ ही टूटी सड़कों, गड्ढों, ट्रेंच, मैनहोल कवर और ड्रेनेज ढांचे की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। मानसून से पहले सड़कों, पुलों, रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट और बिजली व्यवस्था की जांच भी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों पर डी-वॉटरिंग पंप, DG सेट, मैनपावर और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में NDMC क्षेत्र में केवल पांच प्रमुख संवेदनशील स्थान – पुराना किला, दयाल सिंह कॉलेज क्षेत्र, पंचकुइयां रोड, हनुमान मंदिर और सत्य सदन – चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर CCTV कैमरे और सेंसर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं ताकि भारी बारिश के दौरान तुरंत कार्रवाई की जा सके।

श्री चहल ने कहा कि NDMC ने पहली बार ताज मानसिंह के पास Q प्वाइंट पर भूमिगत नालों और कवर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की जांच रोबोटिक तकनीक का उपयोग शुरू किया है। लगभग 85% सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। यह तकनीक सिल्ट जमा होने, ब्लॉकेज, खराब हिस्सों और पानी रुकने वाले स्थानों की पहचान करने में मदद करती है। उन्होंने बताया की सुपर-सक्कर मशीन से डिसिल्टिंग की जा रही है जिसकी लागत 3.50 करोड़ रूपए है।

उन्होंने जानकारी दी कि अगले वर्ष लगभग 3200 मीटर क्षेत्र, जिसमें Q प्वाइंट, DTC डिपो और दयाल सिंह कॉलेज क्षेत्र शामिल हैं, में डी-सिल्टिंग कार्य रोबोटिक तकनीक के माध्यम से 43 करोड़ रूपए में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरोजिनी नगर क्षेत्र में ड्रेन का बेड स्तर ब्रिक बैरल ड्रेन से ऊंचा पाया गया, जिससे पानी जमा होने की समस्या होती थी। इस समस्या के समाधान के लिए NDMC ने दो स्थायी हाई-कैपेसिटी पंप लगाए हैं और 15 जून 2026 तक आवश्यकता अनुसार दो अतिरिक्त पंप भी लगाए जाएंगे।

श्री चहल ने कहा कि NDMC मानसून सुरक्षा, जलजनित बीमारियों से बचाव, कूड़ा सही तरीके से फेंकने और नालों में मलबा न डालने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रही है। साथ ही बारिश और तूफान के दौरान दुर्घटनाओं से बचने के लिए पेड़ों की छंटाई और कमजोर शाखाओं को हटाने का कार्य भी किया जा रहा है।

मानसून के दौरान NDMC द्वारा नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी, डी-वॉटरिंग पंपों और DG सेटों का संचालन, सफाई अभियान तथा PWD, DJB, रेलवे, IMD, फायर विभाग और पुलिस के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मानसून सीजन के दौरान त्वरित समन्वय एवं प्रभावी कार्य संचालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस, MCD, दिल्ली के अस्पतालों, NDMC डिस्पेंसरी, फायर विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, I&FC विभाग, IMD दिल्ली, उपराज्यपाल शिकायत प्रकोष्ठ, PWD तथा मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न एजेंसियों के महत्वपूर्ण संपर्क नंबर एवं नोडल अधिकारियों की सूची जारी की गई है।

इसके अतिरिक्त मानसून–2026 के लिए डी-वॉटरिंग पंपों, सम्प्स एवं आवश्यक उपकरणों की विस्तृत सूची भी जारी की गई है, जिसमें पंपों की संख्या, क्षमता, तैनाती स्थल तथा संबंधित अभियंताओं का विवरण शामिल है। साथ ही मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु मैनपावर एवं डी-वॉटरिंग पंपों की तैनाती का विस्तृत शेड्यूल भी तैयार किया गया है।

श्री कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि NDMC की यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत और तकनीक आधारित सुशासन” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल आधुनिक तकनीक और बेहतर शहरी प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। NDMC आधुनिक तकनीक और सक्रिय योजना के माध्यम से नागरिकों और आगंतुकों को सुरक्षित, स्वच्छ और जलभराव मुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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