तपती धूप में राहत का साया, नदीम सिद्दीकी और उनकी टीम ने पेश की इंसानियत की मिसाल
दुआओं में गूंजा नदीम का नाम, इंसानियत का ठंडा पानी

लखनऊ : लखनऊ की भीषण गर्मी आज कल आसमान से आग बरसा रही है। पारा इतना चढ़ चुका है कि शासन और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए दोपहर 12 से 4 बजे तक लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी है। लेकिन शहर के एक कोने में, बंगला बाजार के खुले मैदान में, हजारों दुकानदार अपने परिवार का पेट पालने के लिए इस चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच अपनी दुकानें लगाने को मजबूर हैं। पक्की छत न होने और खुले आसमान के नीचे काम करने की वजह से यहाँ न केवल दुकानदार, बल्कि खरीदारी करने आए लोग भी बेहाल हो रहे थे। सबसे बड़ी किल्लत पीने के पानी की थी, जिसकी वजह से लोग प्यास से तड़पने को मजबूर थे।
दुकानदारों की इस बेबसी और उनकी जान पर बन आए संकट को देखते हुए साप्ताहिक बाजार दुकानदार कल्याण समिति के अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी और संरक्षक नदीम कुरैशी ने संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल पेश की। उन्होंने बिना समय गंवाए नगर निगम के आला अधिकारियों से संपर्क साधा और बाजार में पानी के टैंकरों की तत्काल व्यवस्था कराई। जैसे ही पानी का टैंकर पीडब्ल्यूडी कॉलोनी स्थित इस बाजार में पहुँचा, वहाँ मौजूद हजारों दुकानदारों और राहगीरों के चेहरों पर सुकून की लहर दौड़ गई।
इस नेक मंजर को देख वहां मौजूद हजारों दुकानदारों ने एक सुर में संगठन के अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी के लिए दुआएं कीं। लोगों का कहना था कि इस भीषण आपदा जैसी गर्मी में नदीम सिद्दीकी उनके लिए महज एक नेता नहीं, बल्कि उम्मीद की आखिरी किरण बनकर सामने आए हैं। राहगीरों और कमेटी के सदस्यों ने भी दिल खोलकर इस पहल की सराहना की, क्योंकि इस झुलसाती धूप में किसी प्यासे को ठंडा पानी पिलाना किसी इबादत से कम नहीं है। नदीम सिद्दीकी और उनके संगठन का यह प्रयास साबित करता है कि जब समाज का नेतृत्व करने वाले लोग जमीनी दर्द को समझते हैं, तो व्यवस्थाएं खुद-ब-खुद सेवा का मार्ग बन जाती हैं। आज पूरे आशियाना और बंगला बाजार क्षेत्र में इस नेक काम की चर्चा है और लोग संगठन के इस सेवा भाव को सलाम कर रहे हैं।



