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महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन थोपना चाहती है सरकार, विधेयक वापस लिया जाए : वेणुगोपाल

सरकार से की मांग - सभी दलों की बैठक बुलाकर आम सहमति से आगे बढ़ा जाए

नई दिल्ली : कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में मोदी सरकार से मांग की है कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को वर्तमान रूप में वापस ले लिया जाए और सभी दलों की बैठक बुलाकर आम सहमति से आगे बढ़ा जाए।

विधेयक पर चर्चा के दौरान वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा महिला आरक्षण की आड़ में जबरन परिसीमन थोपने की है। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक उदेश्यों के लिए राज्यों की स्थिति को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने सीटों की संख्या बढ़ाने का जो प्रस्ताव रखा है, वह किस आधार पर और किसने तय किया है?

कांग्रेस महासचिव ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री ने अपने पूरे भाषण में ‘परिसीमन’ शब्द का एक बार भी जिक्र नहीं किया, जबकि आज का मुख्य मुद्दा यही है, क्योंकि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पास हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण को लेकर वास्तव में गंभीर होती, तो वह कांग्रेस की मांग के मुताबिक इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से ही लागू कर सकती थी। उन्होंने मांग की कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून के तहत संसद की वर्तमान संख्या के आधार पर ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।

उन्होंने यह भी पूछा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुलाई गई? अगर यह संविधान संशोधन बिल है, तो क्या इसके लिए विपक्ष के समर्थन की ज़रूरत नहीं है?

वेणुगोपाल ने सत्र के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य चुनाव में व्यस्त हैं, तब उनकी भागीदारी के बिना उनके भविष्य से जुड़ा कानून बनाना अनुचित है।

कांग्रेस महासचिव ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह परिसीमन आयोग का इस्तेमाल कर 2029 के आम चुनाव में राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जैसा कि पहले असम और जम्मू-कश्मीर में किया गया था।

वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने इस सत्र का आयोजन इसलिए किया, ताकि विपक्ष को महिलाओं के आरक्षण का विरोधी बताया जा सके, जबकि विपक्षी दल इसका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही 73वें और 74वें संशोधन के जरिए पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं को आरक्षण दिया था। साथ ही देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पहली महिला राष्ट्रपति और पहली महिला लोकसभा स्पीकर कांग्रेस ने ही दिए।

उन्होंने इंदिरा गांधी पर गर्व जताते हुए यह भी कहा कि वह बहादुर थीं और उन्होंने मौजूदा प्रधानमंत्री की तरह कभी सरेंडर नहीं किया।

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