राजयोग मेडिटेशन से बढ़ेगी निर्णय क्षमता : मुकेश मेश्राम

लखनऊ। ब्रह्मा कुमारीज के प्रशासनिक प्रभाग द्वारा “Train the Trainers Training-cum-Yoga Bhatti” विषय पर राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण सम्मेलन Gulzar Upvan Retreat Centre, सुल्तानपुर रोड, लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य विषय “कर्मयोग फॉर एम्पावर्ड भारत” है, जिसमें देशभर से प्रशासनिक एवं प्रशिक्षण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत गुलजार उपवन राजयोग प्रशिक्षण केंद्र की डायरेक्टर बीके राधा दीदी के स्वागत भाषण से हुई। इसके पश्चात मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम (आईएएस), विशिष्ट अतिथि अपर आयुक्त लखनऊ मंडल श राधेश्याम (आईएएस), बीके हरीश भाई, बीके वीणा दीदी, बीके लक्ष्मी दीदी तथा बीके राधा दीदी सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कर्नाटक से पधारी बीके वीणा ने सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि “Duty, duty नहीं सेवा है”—अर्थात जब कार्य को सेवा भाव से किया जाता है, तभी वह कर्मयोग में परिवर्तित होता है। उन्होंने बताया कि कर्मयोग मिशन का उद्घाटन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति महोदया द्वारा किया जा चुका है। इस मिशन का उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर कार्यरत अधिकारी अपने दैनिक कार्यों को कर्मयोग में रूपांतरित कर सकें।
सत्र के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जीवन में रहते हुए कर्म को कर्मयोग में परिवर्तित करना ही सच्ची सफलता है। यदि प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्य को सेवा भावना से करे, तो पूरी व्यवस्था अधिक संवेदनशील, प्रभावी और जनहितकारी बन सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से पूरी गवर्नमेंट मशीनरी अधिक मूल्य-आधारित, पारदर्शी और जन-केंद्रित प्रशासन विकसित कर सकती है।
वक्ताओं ने राजयोग मेडिटेशन के महत्व को बताते हुए कहा कि इसके नियमित अभ्यास से मानसिक स्थिरता, स्पष्ट निर्णय क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है, जिससे प्रशासनिक कार्य तनावमुक्त और संतुलित बनते हैं।
प्रमुख वक्ताओं में बीके वीणा (कर्नाटक), बीके सरला (महाराष्ट्र), बीके रमेश (शांतिवन), बीके राधा दीदी (लखनऊ) एवं बीके लक्ष्मी (दिल्ली) ने प्रशासन में आध्यात्मिक मूल्यों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
सम्मेलन में ब्रह्माकुमारी प्रशासनिक प्रभाग की नई संरचना के अंतर्गत बीके आशा दीदी (दिल्ली) – चेयरपर्सन, बीके पूनम बहन (जयपुर) – वाइस चेयरपर्सन, बीके हरीश भाई (मधुबन) – नेशनल कोऑर्डिनेटर, बीके राधा बहन (लखनऊ) एवं बीके उर्मिल बहन (गुरुग्राम) – एडिशनल नेशनल कोऑर्डिनेटर, बीके शैलेश भाई (गोधरा) – ट्रेज़रर तथा बीके नारायण (शांतिवन) – सेक्रेटरी की उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि मुकेश मेश्राम (आईएएस) ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता, नैतिकता और संवेदनशीलता का समावेश ही सुशासन की आधारशिला है। वहीं विशिष्ट अतिथि राधेश्याम (आईएएस) ने कहा कि आध्यात्मिकता को अपनाने से प्रशासनिक कार्यों में संतुलन, धैर्य और सेवा भावना विकसित होती है।
सम्मेलन के आगामी सत्रों में पॉजिटिव माइंडसेट, टीम एम्पावरमेंट, विचार-वाणी-कर्म में संतुलन, प्रभावी संवाद तथा वैल्यू-बेस्ड एडमिनिस्ट्रेशन जैसे विषयों पर गहन मार्गदर्शन दिया जाएगा। समापन सत्र में प्रतिभागी अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशासनिक कार्यों में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लेंगे .



