नृत्य की थिरकन में जीवंत होगी अमृता प्रीतम की आजाद रूह

लखनऊ। कलम की जादूगरनी और रसीदी टिकट जैसी कालजयी रचना की लेखिका अमृता प्रीतम का जीवन संघर्ष, उनकी संवेदना और उनकी रूहानी मोहब्बत अब मंच पर नृत्य के जरिए जीवंत होने जा रही है। राजधानी लखनऊ की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था ‘कल्चरल क्वेस्ट’ आगामी 28 फरवरी, 2026 को संत गाडगे प्रेक्षागृह में अपनी नई प्रस्तुति आजाद रूह का मंचन करने जा रही है।
शाम 6:30 बजे से शुरू होने वाली यह नृत्य नाटिका केवल एक प्रदर्शन मात्र नहीं, बल्कि अमृता प्रीतम के जीवन का एक आईना है। विख्यात कत्थक गुरु सुरभि सिंह के कुशल निर्देशन, संगीत और पटकथा में बुनी गई यह नाटिका दर्शकों को उस दौर में ले जाएगी जहाँ विभाजन का दर्द था, नारी उत्पीड़न के खिलाफ सुलगते सवाल थे और सांप्रदायिकता की कड़वाहट के बीच पनपती अमृता-इमरोज़ की वो प्रेम गाथा थी, जिसने दुनिया को मोहब्बत के नए मायने सिखाए।
कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें प्रदेश के कई दिग्गज शिरकत करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में लक्ष्मी नारायण चौधरी, चीनी मिल एवं गन्ना विकास मंत्री, दया शंकर सिंह, परिवहन मंत्री, स्वतंत्र प्रभार और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल मौजूद रहेंगी।
अमृता प्रीतम को समर्पित इस शाम में केवल नृत्य ही नहीं, बल्कि साहित्य का उत्सव भी होगा। संजय मल्होत्रा ‘हमनवा’ द्वारा अमृता और इमरोज़ के अमर प्रेम पर लिखी गई नई पुस्तक का विमोचन भी इसी मंच से किया जाएगा। साथ ही, समाज और साहित्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 11 प्रमुख हस्तियों को अमृता प्रीतम सम्मान से नवाजा जाएगा। सम्मानित होने वालों में पद्मश्री विद्या विन्दु सिंह, प्रो० रवि भट्ट, डॉ० अमिता दुबे, दास्तानगो हिमांशु वाजपेई, आतिफ हनीफ, संजय मल्होत्रा हमनवा, सुश्री पायल सोनी, सत्या सिंह, डॉ० करुणा पांडेय, डॉ० श्वेता श्रीवास्तव, सुजाता राज्ञी,
संस्था के प्रतिनिधि राम उग्रह शुक्ल ने बताया कि कल्चरल क्वेस्ट हमेशा से विषय-परक और उद्देश्यपूर्ण प्रस्तुतियां देता आया है। आजाद रूह के माध्यम से नई पीढ़ी को अमृता प्रीतम के साहसी व्यक्तित्व और उनके साहित्य की गहराई से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने लखनऊ के कला प्रेमियों और मीडिया जगत से इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।



