प्रौद्योगिकी किसानों की आय दोगुनी करने में मदद कर सकती है : जयेश रंजन
20–21 नवंबर 2025 को हैदराबाद के हिटेक्स एग्ज़िबिशन सेंटर में आयोजित किया गया अर्थ समिट 2025-26

लखनऊ : तेलंगाना सरकार के विशेष मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय विशेष परियोजनाएँ (SPEED), निवेश एवं उद्योग प्रकोष्ठ के श्री जयेश रंजन ने कहा कि प्रौद्योगिकी में किसानों की आय दोगुनी करने की क्षमता है और धान, मक्का तथा कपास उगाने वाले किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि तेलंगाना ने पहले ही 80 से अधिक ऐसी तकनीकों की पहचान कर ली है, जो इन फसलों के विभिन्न चरणों में उपयोगी हो सकती हैं। ये तकनीकें कृषि विश्वविद्यालयों के खेतों पर परीक्षण के चरण में हैं, उन्होंने जोड़ा।
रंजन ने ‘स्ट्रैटेजिक इनोवेशन कॉरिडोर्स: ग्रामीण भारत के लिए उच्च-प्रभाव डिजिटल और औद्योगिक विकास मार्गों का निर्माण’ विषय पर इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) के अध्यक्ष डॉ. शुभो रे के साथ बातचीत की।
श्री रंजन ने विभिन्न नवाचार कार्यक्रमों, विशेषकर राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा, “हैदराबाद में दो दर्जन से अधिक इनोवेशन सेंटर हैं, जो एग्रीटेक को बढ़ावा देते हैं। यह वह राज्य है जिसने दिखाया है कि सरकार स्टार्टअप्स को कैसे समर्थन दे सकती है। श्री रंजन ने कहा कि हमने संस्थानों के निर्माण और इन संस्थानों को संचालित करने के लिए प्रतिभा लाने में सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश किया है। नाबार्ड हमारे स्टार्टअप कार्यों का बहुत बड़ा समर्थक रहा है,”।
उन्होंने अपने विशेष प्रोजेक्ट ‘तेलंगाना राइजिंग विज़न 2047’ के बारे में भी बताया। यह 120 पन्नों का एक दस्तावेज़ है, जिसे वर्तमान राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर 9 दिसंबर को जारी किया जाएगा। यह दस्तावेज़ किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विभिन्न पहलों की पहचान करता है।
जब डॉ. रे ने उनसे निजी निवेश आकर्षित करने की योजनाओं के बारे में पूछा, तो श्री रंजन ने कहा कि ‘तेलंगाना राइजिंग विज़न 2047’ दस्तावेज़ पूंजी आकर्षित करने में मदद करेगा।
नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तीन-शहरों का अर्थ समिट 2025–26 21 नवंबर 2025 को समाप्त हुए हैदराबाद सम्मेलन के साथ प्रारंभ हुआ। दो दिवसीय हैदराबाद समिट में दक्षिण, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत के नीति-निर्माताओं, स्टार्टअप्स, वित्तीय संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, क्लाइमेट-टेक इनोवेटर्स और ऊर्जा उद्यमों को एक साथ लाया गया, ताकि ग्रामीण भारत के भविष्य की पुनर्कल्पना की जा सके। अगले दो संस्करण गांधीनगर और दिल्ली में आयोजित किए जाएंगे।
इस समिट को कई प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय तथा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय शामिल हैं। इन संस्थानों की भागीदारी तकनीक और नीति के समन्वय के माध्यम से ग्रामीण विकास को मजबूत करने के लिए एक संगठित प्रयास को दर्शाती है।



