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मजदूरों की बुलंद आवाज सीटू की नेत्री कामरेड लता सिंह नहीं रही, मजदूरों/ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं में शोक की लहर

नोएडा : मेहनतकशों की बुलंद आवाज सीटू की महिला नेत्री कामरेड लता सिंह का लंबी बीमारी के बाद आज तड़के निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थी और अस्पताल में भर्ती थी। उनका अंतिम संस्कार उनके परिवार जन ने अपने पैतृक गांव जिला-जौनपुर (उ०प्र०) में किया। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए 13 नवंबर 2025 को दोपहर 2:30 बजे उप श्रमायुक्त कार्यालय सेक्टर- 3 नोएडा, गौतमबुद्धनगर के समस्त श्रम संगठनों की ओर से शोक श्रद्धांजलि सभा रखी गई। जिसमें दिवंगत महिला नेत्री का. लता सिंह को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में सभी वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं मजदूर आंदोलन के प्रति उनकी गहरी निष्ठा एवं उनकी नेतृत्वकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी, कि मजदूर आंदोलन में नेतृत्वकारी भूमिका में रहते हुए वह अनेकों बार जेल गई। वे मजदूर आंदोलन में हमेशा अगली कतार में होती थी।

श्रद्धांजलि सभा में इंटक नेता डॉक्टर केपी ओझा, एचएमएस नेता रितेश कुमार झा, यूपीएलएफ नेता रामनरेश यादव, टीयूसीआई नेता उदय चंद्र झा, एक्टू नेता अमर सिंह, सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामस्वारथ, पूनम देवी, राम सागर, मंजू देवी, अरुण कुमार, ग्रामीण विकास समिति के नेता दयाशंकर पांडे सहित सभी श्रमिक प्रतिनिधियों एवं श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा में कामरेड लता सिंह के शोक संतप्त परिवार के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की गई।

कामरेड लता सिंह के बारे में जानकारी देते हुए सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया, कि मज़दूर वर्ग के आंदोलन की एक निडर योद्धा, कॉमरेड लता सिंह पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारियों से लड़ते हुए आज दिनांक 13.11.25 को तड़के उनका निधन हो गया। कॉमरेड लता 1990 के दशक में फीनिक्स ओवरसीज लिमिटेड जूता फैक्ट्री में एक मज़दूर के तौर पर काम करते हुए सीटू से जुड़ीं। जल्द ही वे सीटू नोएडा ज़िला कमेटी सदस्य के तौर पर चुनी गईं तथा बाद में जिला पदाधिकारी और कामकाजी महिला समन्वय कमेटी की संयोजक के तौर पर ज़िले में मज़दूर आंदोलन को नेतृत्व दिया। आगे चलकर वो सीटू दिल्ली राज्य कमेटी की सदस्य भी चुनी गईं। 3 दशक से अधिक लंबे अपने ट्रेड यूनियन जीवन में उन्होंने वर्ष 1997 और 2013 की जुझारू हड़तालों समेत अनेकों संघर्षों का नेतृत्व किया। संघर्षों में अगुआ भूमिका के चलते उन्हें जेल समेत अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अनेक वर्षों तक उन्होंने सीटू के पार्ट टाइमर के तौर पर काम किया और मज़दूरों से जुड़े किसी भी सवाल पर तुरंत पहलकदमी के लिए सदैव तैयार रहीं। कामरेड लता सिंह के निधन के साथ सीटू ने गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद दिल्ली एनसीआर में एक ऐसे निडर कैडर और नेता को खोया है। जो मालिकों और पुलिस प्रशासन से सीधे मुठभेड़ से कभी पीछे नहीं हटीं। सीआईटीयू व अन्य मजदूर संगठनों की ओर से कामरेड लता सिंह के परिवार के सदस्यों और शोक संतप्त साथियों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते है।

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