सरकार बताए, चार आतंकवादी, जिन्होंने हमारे 26 लोगों की हत्या की, वो कहां है? : प्रणीत शिंदे
मोदी सरकार ने संघर्ष विराम पर ट्रंप के दावे पर चुप्पी साधकर वैश्विक मंच पर भारत को कमजोर दिखाया : कांग्रेस

रिपोर्ट – विनीता रानी विन्नी
नई दिल्ली : कांग्रेस द्वारा मोदी सरकार से पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर महत्वपूर्ण सवाल पूछने का सिलसिला लगातार जारी है। पार्टी का कहना है कि संघर्ष विराम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर चुप्पी साधकर मोदी सरकार ने वैश्विक मंच पर भारत को कमजोर दिखाया है।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी की सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रणीति शिंदे ने कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति, आंतरिक स्थिरता जैसे गंभीर मुद्दों को खोखले प्रचार व फोटो खिंचवाने का माध्यम बना दिया है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा ध्यान केवल प्रचार और आत्मप्रशंसा पर केंद्रित रहा है, जवाबदेही पर नहीं।
प्रणीति शिंदे ने पूछा कि पहलगाम में 26 लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादी कहां हैं। सरकार अभी तक उनको गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई है।
कांग्रेस नेता ने व्यापारिक दबाव डालकर भारत को संघर्ष विराम के लिए मजबूर करने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मोदी सरकार ट्रंप के अपमानजनक दावे पर चुप क्यों है। क्या मोदी सरकार को ट्रंप द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा किए जाने के बारे में पहले से पता था।
उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप के दावे पर चुप्पी साधकर मोदी सरकार ने वैश्विक मंच पर देश को बहुत कमजोर दिखाया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा की वजह से भारतीय सेना व देश की जनता हतोत्साहित हुई। उन्होंने जवाब मांगा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
उन्होंने याद दिलाया कि 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमेरिका के दबाव के आगे न झुककर पाकिस्तान को सरेंडर करवाया था।
शिंदे ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा पाकिस्तान को पहले ही हमले की सूचना देने पर भी चिंता जताई।उन्होंने मोदी सरकार से पूछा कि ऐसी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को क्यों दी गई। हमले की सूचना देने से भारत की रणनीतिक बढ़त को कितना नुकसान हुआ। क्या इससे भारतीय वायु सेना को कोई नुकसान पहुंचा और क्या देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को इन सभी सवालों का जवाब देना चाहिए और देश की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश स्पष्टता, पारदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व की मांग कर रहा है, ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सर्वदलीय बैठक में शामिल न होना और संसद का विशेष सत्र बुलाने से लगातार इनकार करना गंभीर सवाल खड़े करता है। देश की जनता पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानना चाहती है, लेकिन नरेंद्र मोदी बताने को तैयार ही नहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर मोदी सरकार क्या छुपाना चाहती है।
प्रणीति शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री जवाबदेही से बच नहीं सकते। देश की जनता को स्क्रिप्टेड भाषण और प्रायोजित चुप्पी नहीं, ईमानदार जवाब चाहिए।



