पुल बनाने की स्वीकृति देने पर व्यापारी नेता अजय त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल आभार हेतु दिल्ली में राजनाथ सिंह से मिला

रिपोर्ट – विनीता रानी विन्नी
नई दिल्ली : भारतीय उद्योग किसान व्यापार मंडल (पंजीकृत)के प्रदेश अध्यक्ष/ पूर्व मेयर प्रत्याशी लखनऊ/ भाजपा नेता अजय त्रिपाठी “मुन्ना” अपने साथी लखनऊ मार्बल डीलर्स एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष/ वरिष्ठ व्यापारी नेता मनोज अग्रवाल,रितेश गुप्ता, हिमांशु सिंह, राम शरण पाठक, होरी लाल लोधी, ताज खान,रश्मि घीरिया, मांडवी पाण्डेय ,सीताराम जायसवाल, जय प्रकाश सिंह,पूर्व पार्षद अजय अवस्थी “बन्टी” के साथ पुराने लखनऊ को फैजुल्लागंज से जोड़ने वाले गोमती नदी पर बने पीपे वाले पुल की जगह पक्का पुल बनाए जाने की स्वीकृति दिलाए जाने पर देश के लोकप्रिय रक्षामंत्री एवम लखनऊ के लोकप्रिय सासंद, विकास पुरुष l राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करने दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंचे।
व्यापारी नेता अजय त्रिपाठी” मुन्ना” ने बताया की पीपे वाले पुल की जगह पक्का पुल बनाए जाने की मांग क्षेत्रवासियों के द्वारा पिछले कई वर्षों से की जा रही थी लेकिन क्षेत्रवासियों की आवाज को कोई नही सुन रहा था। राजधानी लखनऊ में होने के बावजूद इस पीपे वाले पुल पर किसी भी जनप्रतिनिधि की नजर नही पड़रही थी। 6 वर्ष पहले क्षेत्र भ्रमण के दौरान जब पीपे वाले पुल को हम सभी लोगों ने देखा तो एक संकल्प लिया कि पीपे वाले पुल की जगह पक्का पुल बनने तक हम सभी लोग अपने संधर्ष को जारी रखेगें। पिछले कई वर्षो से लगातार इस मूलभूत समस्या के समाधान के लिए हम सभी लोग मिल कर प्रयास करते रहे। गोमती नदी, जहां पर पीपे वाला पुल बना है, वही पर क्षेत्रवासियों के साथ शासन- प्रशासन और सरकार का ध्यान इस पीपे वाले पुल की तरफ दिलाने के लिए बहुत बड़ा धरना-प्रदर्शन किया गया। उसके बाद जानकीपुरम के अटल चौराहे से खदरा -हुसैनाबाद- ठाकुरगंज- बालागंज -दौलतगंज- काशी बिहार होते हुए पीपे वाले पुल तक 30 किलोमीटर की सैकड़ो साथियों के साथ पदयात्रा की गई ।समय- समय पर जिला प्रशासन,तत्कालीन P. W .D. मंत्री से मुलाकात करके पीपे वाले पुल की जगह पक्का पुल बनाए जाने की लगातार मांग की गई ।पुराने लखनऊ के गऊ धाट पर बने पीपे वाले पुल से प्रत्येक दिन हजारो लोगो आवागमन होता रहता है,बरसात के दिनों मे तीन से चार महीने के लिए पीपे वाले पुल को नदी से हटा दिया जाता है, जिसकी वजह से क्षेत्रवासियों को इस पार से उस पार जाने के लिए लगभग पन्द्रह किलोमीटर धूम कर आना- जाना पड़ता है उसके बाद भी लाख कोशिशों के बाबजूद पीपे वाले पुल की जगह पक्का पुल बनाए जाने का काम संभव नही हो पा रहा था।
श्री अजय त्रिपाठी “मुन्ना” ने पुनः बताया कि जब पुराने लखनऊ की इस प्रमुख समस्या से देश के लोकप्रिय रक्षामंत्री एवम लखनऊ के लोकप्रिय सासंद, विकास पुरुष माननीय राजनाथ सिंह जी को अवगत कराया गया तो माननीय रक्षा मंत्री जी ने तत्काल अपने बिशेष कार्याधिकारी आदरणीय के पी सिंह जी से बोले कि तत्काल इस पीपे वाले को भी अन्य पुलों की भांति बनवा दिया जाए। माननीय रक्षामंत्री जी के प्रयास से उत्तर प्रदेश सरकार ने पीपे वाले पुल की जगह पक्का पुल बनाए जाने के लिए न केवल 55 करोड रूपए स्वीकृत किए बल्कि तत्काल काम प्रारम्भ करने के लिए 14 करोड रूपए जारी भी कर दिए ।आम जनमानस की इतने वर्षो से लंबित मांग को पुरा करने से सभी क्षेत्रवासी माननीय लोकप्रिय सांसद राजनाथ सिंह जी के आभारी हैं। अजय त्रिपाठी “मुन्ना” ने यहा भी बताया कि पुराने लखनऊ के पीपे वाले पुल की जगह पक्का पुल बनाए जाने सहित लखनऊ शहर मे विकास की गंगा बहाने के लिए राजधानी लखनऊ मे समय मिलने पर राजनाथ सिंह जी का नागरिक अभिनन्दन किया जाएगा।



