उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

डॉ.दरबारी लाल अस्थाना स्मृति नाट्य समारोह के दूसरे दिन मंचित हुआ नाटक “बाप रे बाप”

लखनऊ । लखनऊ कम्युनिकेशन सोसाइटी की ओर से तीन दिवसीय नाट्य समारोह, अयोध्या रोड स्थित अवध एकेडमी इंटर कॉलेज परिसर में, 5 से 7 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी डॉ.दरबारी लाल अस्थाना की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें समर्पित किया गया है। इस क्रम में गुरुवार 6 मार्च को थिएटर एवं फिल्म वेलफेयर एसोसिएशन के रंगमंडल द्वारा नाटक “बाप रे बाप” का मंचन दबीर सिद्दीकी के निर्देशन में किया गया। नाटक ने दर्शकों को गुदगुदाते हुए बुजुर्गों के सम्मान का संदेश दिया। समापन समारोह में शुक्रवार 7 मार्च को नव अंशिका फाउण्डेशन के रंगमंडल द्वारा “चर्चा चाची के चर्चे” का मंचन तमाल बोस के निर्देशन में किया जाएगा। इस प्रस्तुति की सहनिर्देशिका नीशू त्यागी हैं।

नाटक “बाप रे बाप” के अनुसार नायक विकास के पिता बाबू बद्रीनाथ अपने घर से कहीं चले जाते हैं। ऐसे में परिजन मजबूरी में नकली पिताजी का बंदोबस्त करते हैं। इस जुगत में एक समय में कई पिताजी उपस्थित होकर परिस्थितियों को सुलझाने के बजाए हास्यजन्य बना देते हैं। अंत में वास्तविक पिताजी घर लौटकर बताते हैं कि वह तो बहू मीनू को बता कर गये थे। मीनू अपने भुलक्कड़पन की आदत पर शर्मिन्दा हो जाती है और नाटक का सुखांत हो जाता है। इसमें मंच पर विकास की भूमिका आशीष श्रीवास्तव, मीनू की रुचि रावत, नूरबख्श की सौरभ वर्मा, दूधवाली की राधा अस्थाना, पिता की रोहित श्रीवास्तव, नकली पिता एक की राहुल पाठक, नकली पिता दो की विकास राजपूत, नकली पिता तीन की मोहम्मद नदीम और नकली पिता चार की विवेक रंजन सिंह ने भूमिका अदा कर प्रशंसा हासिल की।
संयोजक मंडल में शामिल दबीर सिद्दीकी, नीशू त्यागी, रत्ना अस्थाना, आनन्द अस्थाना, विजय लक्ष्मी गुप्ता और नितिन अस्थाना की ओर से वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी डॉ.दरबारी लाल अस्थाना सम्मान, अवध एकेडमी इंटर कॉलेज के प्रबंधक और समाजसेवी अरविंद यादव को दिया गया। वह अपने विद्यालय की हजार से अधिक छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। अरविंद यादव जी शिक्षा-दीक्षा के साथ-साथ खेल-कूद और कला-संस्कृति तक में छात्राओं को प्रोत्साहित करके उन्हें जिम्मेदार नागरिक बना रहे हैं। इसके साथ ही गुरुवार को मंचित नाटक “बाप रे बाप” के निर्देशक दबीर सिद्दीकी को भी अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी डॉ.दरबारी लाल अस्थाना के सुपुत्र पुनीत अस्थाना ने बताया कि डॉ.दरबारी लाल अस्थाना का जन्म 24 जुलाई 1905 को आगरा में हुआ था। स्वतंत्रता के पच्चीसवें वर्ष के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए राष्ट्र की ओर से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें 15 अगस्त 1972 को ताम्रपत्र से सम्मानित किया था। 3 मार्च 1985 को लगभग 80 वर्ष की आयु में उनका स्वर्गवास हुआ था। महात्मा गांधी के सत्याग्रह आन्दोलन में डॉ. दरबारी लाल अस्थाना काफी सक्रिय रहे थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद डॉ. दरबारी लाल अस्थाना ने देहरादून में रहकर मेडिकल प्रैक्टिस आरंभ की। बाद में वह लखनऊ आ गए और साल 1954 से उन्होंने उत्तर प्रदेश गांधी स्मारक निधि लखनऊ केन्द्र के संचालक के रूप में लम्बे समय तक कार्य किया। उन्होंने गांधी तत्व प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश में अनेकों गांधी अध्ययन केन्द्रों और युवा शिविरों का आयोजन किया था।

Related Articles

Back to top button