पशुधन मंत्री ने वन ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी के लक्ष्य प्राप्ति के संबंध में बैठक की
ठंड से बचाव हेतु निराश्रित गोवंश हेतु गोआश्रय स्थलों पर समुचित व्यवस्था की जाय : धर्मपाल सिंह

पशुधन मंत्री ने वन ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी के लक्ष्य प्राप्ति के संबंध में बैठक की
*किसी भी क्षमता के कुक्कुट इकाई की स्थापना हेतु रू० 1 करोड़ की ब्याज प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है*
*अण्डा उत्पादन में प्रति वर्ष 18 प्रतिशत कीलखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में वन ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी के लक्ष्य प्राप्ति के संबंध में सम्पन्न बैठक में पशुपालन एवं कुक्कुट पालन के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने हेतु किये जाने वाले कार्यों की जानकारी दी गई।
पशुधन मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कुक्कुट उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भता के लिए उ.प्र. कुक्कुट विकास नीति 2022 में प्रभावी संशोधन किया है जिसमे अब किसी भी क्षमता के कुक्कुट इकाई की स्थापना हेतु रू० 1 करोड़ की ब्याज प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है। कुक्कुट इकाईयों के विद्युत बिल में 10 वर्षों तक प्रति वर्ष एक लाख यूनिट तक की इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी के प्रतिपूर्ति की जायेगी। कुक्कुट नीति अन्तर्गत स्थापित की जाने वाली इकाईयों हेतु अधिकतम 8 एकड़ भूमि पर स्टाम्प शुल्क में छूट की व्यवस्था की गई है।
श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश अण्डा उत्पादन के क्षेत्र में आत्म निर्भर हो रहा है। अण्डा उत्पादन में प्रति वर्ष 18 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। कुक्कुट विकास नीति 2022 अन्तर्गत 129 इकाईयों की स्थापना हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो चुके है।जिससे रूपये 300 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 12 हजार रोजगार सृजित होंगे।
पशुधन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश का निरन्तर संरक्षण किया जा रहा है। बैठक में मंत्री जी ने निर्देश दिया कि सभी गो आश्रय स्थलों में पर्याप्त हरा चारा, आहार, स्वच्छ पानी, प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाय और अधिकारियों द्वारा निरन्तर अनुश्रवण किया जाय। धीरे-धीरे ठंड बढ़ रही है। ठंड से बचाने हेतु निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों पर समुचित व्यवस्था की जाय। जिसमे गो-आश्रय स्थलों को टाट बोरे से ढका जाय। गोवंश को ताजा स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। गोबर, गो-मूत्र को तत्काल हटाते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाय। गोवंश को सुपाच्य एवं अधिक पोषण युक्त आहार दिया जाय जिससे ठंड से बचाव हो सके। नव वत्सों को विशेष रूप से ठंड से बचाया जाय।
पशुधन मंत्री ने ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु चारा उत्पादन बढ़ाने, कृत्रिम गर्भाधान अच्छादन के दो करोड़ के लक्ष्य को पूर्ण करने तथा वर्गीकृत वीर्य के अच्छादन को अधिक से अधिक बढ़ाने के निर्देश दिये है।
बैठक में प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास के. रवीन्द्र नायक ने मंत्री जी को विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया और कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य प्राप्ति में उनसे प्राप्त निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा
बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक आनन्द कुमार सिंह, सहित पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



