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मांगो/समस्याओं का निराकरण ना होने पर 22 अगस्त 2024 को पूरे प्रदेश के कर्मचारी सभी कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे : सुशील कुमार त्रिपाठी

कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने दिया चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी 

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की 22 सूत्रीय मांगपत्र शासन/राजस्व परिषद में बिगत दो वर्षों से लंबित है जिसका निस्तारण अभी तक नही किया गया है । 30 जून को जनपद सिद्धार्थनगर में सम्पन्न प्रान्तीय संघ की त्रेमासिक बैठक में चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया ।

कलेक्ट्रेट लखनऊ में प्रान्तीय पदाधिकारियों ने आंदोलन की नोटिस जारी किया । प्रान्तीय अध्यक्ष  सुशील कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 22 सूत्रीय मांगपत्र के निम्नलिखित मांगों पर विभागाध्यक्ष/मा0अध्यक्ष राजस्व परिषद से संस्तुति करके शासन के राजस्व विभाग को शासनादेश जारी करने का अनुरोध किया गया किंतु अभी तक शासनादेश जारी नही किया गया जिससे कर्मचारियों में कुंठा व्याप्त है:-

03-कलेक्ट्रेट को विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए कार्मिकों के वेतन उच्चीकरण का शासनादेश निर्गत किया जाय ।
05-मुख्य सचिव महोदय उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में सम्पन्न उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति के अनुसार कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्गीय सेवा नियमावली 2011 लागू किया जाय ।
06- लेखा का कार्य करने वाले कार्मिकों को विशेष वेतन दिया जाय ।
08-नवसृजित तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारी व नवसृजित जिलों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पदों का सृजन किया जाय ।
09- भूलेख लिपिक का पद पूर्व की भांति कलेक्ट्रेट को वापस किया जाय ।

11- सामयिक सहायक वासिल बाकी नवीसों को एकमुश्त नियमित पदों पर समायोजित किया जाय ।
प्रान्तीय अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी, प्रान्तीय कार्यकारी महामन्त्री अजीत उपाध्याय, प्रान्तीय मुख्य सचेतक/जिलाध्यक्ष लखनऊ नरेन्द्र सिंह जिलामन्त्री निशिल किशोर श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कहा कि सभी जनपदो में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त है भर्ती की कार्यवाही न होने से एक एक कर्मचारी को कई पटल का कार्य करना पड़ रहा है जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है । शासन द्वारा कार्मिकों की समय से पदोन्नति करने का निर्देश दिए जाने के बावजूद शासन व राजस्व परिषद द्वारा सेवा नियमावली में प्रदत्त व्यवस्था के अनुसार पात्रता क्षेत्र का विस्तार न किये जाने से प्रशासनिक अधिकारियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के पदों पर पदोन्नति नही हो पा रही है जिससे कर्मचारियों की आर्थिक, मानसिक क्षति हो रही है तथा पात्र कार्मिक पदोन्नति के लाभ से वंचित होकर सेवानिवृत्त हो जा रहे है । मुख्य सचिव महोदय के बार बार शासनादेश जारी करने के बावजूद भी विभागाध्यक्ष/ शासन के राजस्व विभाग द्वारा कर्मचारियों की मांगों/समस्याओं पर संघ के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता/बैठक नही किया जा रहा है जिससे कर्मचारियों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है।

संघ ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित द्वेश भाव रहित नोटिस जारी करते हुए कहा है कि यदि 21 अगस्त 2024 तक उपरोक्त मांगो/समस्याओं का निराकरण नही होता है तो 22 अगस्त 2024 को पूरे प्रदेश के कर्मचारी सामुहिक अवकाश लेकर सभी कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे तत्पश्चात मांगों की पूर्ति हेतु मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से देंगे ।

18 सितम्बर 2024 को पूरे प्रदेश के कर्मचारी महात्मा गांधी प्रतिमा हजरतगंज लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेंगे तत्पश्चात मुख्यमंत्री  को सम्बोधित ज्ञापन देंगे ।

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