कोर्ट के फैसले के बावजूद केजरीवाल का सम्मन को अवैध बताना अदालत की अवमानना है : वीरेन्द्र सचदेवा
अरविंद केजरीवाल इस को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उन्होंने शराब नीति में बड़ा घोटाला किया है : वीरेन्द्र सचदेवा

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लगातार ईडी द्वारा सम्मन भेजे जाने के बावजूद जांच से भागना कानून का अनादर करना है। आईपीसी के अनुच्छेद 174 के अनुसार माननीय न्यायालय ने भी अब इस बात को स्वीकार कर लिया है कि जांच एजेंसी द्वारा भेजा गया सम्मन वैध है और अरविंद केजरीवाल को जांच में सहयोग देना चाहिए, लेकिन कोर्ट के फैसले के बावजूद केजरीवाल का सम्मन को अवैध बताना अदालत की अवमानना है।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जिस न्यायालय में मुकदमा की बार-बार बात कर रहे हैं, वह 204 सी.आर.पी.सी. के तहत जांच एजेंसियों द्वारा भेजे गए सम्मन पर पेश ना होने के खिलाफ किया गया है। जिसमें साफ तौर पर न्यायालय ने उनसे एक अभियुक्त के तौर पर जांच एजेंसियों के सामने पेश ना होने पर सवाल किया है। सम्मन को गैर कानूनी कहना, जांच एजेंसी से भागना यह सब अरविंद केजरीवाल की मानसिकता को दर्शाता है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल इस को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उन्होंने शराब नीति में बड़ा घोटाला किया है। उन्हें इस बात पर विश्वास है कि बड़े बड़े वकीलों का सहारा लेकर वह जांच एजेंसियों और भ्रष्टाचार के आरोपों से बच जाएंगे तो जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जल्द ही अरविंद केजरीवाल को लोगों के सामने सच्चाई उजागर करनी होगी जिसे दिल्ली की जनता पहले से ही जानती है।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि जिस प्रकार से मनीष सिसोदिया, संजय सिंह शराब घोटाले में जेल की सलाखों के पीछे हैं ठीक उसी प्रकार अरविंद केजरीवाल भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे क्योंकि वही इस पूरे घोटाले के मास्टर माइंड हैं।



