सहारा हॉस्पिटल में बच्ची को गम्भीर जन्मजात विकृति से दिलायी निजात
चार वर्षीय बच्ची जन्मजात विकृति "कोलेडोकल सिस्ट" की समस्या से ग्रसित थी

लखनऊ : चार वर्षीय, लखनऊ की रहने वाली बच्ची निरंतर पेट दर्द व उल्टियों की समस्या से ग्रसित थी । स्थानीय हॉस्पिटलों एवं डॉक्टरों द्वारा जांचों में पित्त की नली में गम्भीर जन्मजात विकृति पायी गयी। चिकित्सा विज्ञान में इसे “कोलेडोकल सिस्ट” कहा जाता है। जानकारी होने पर मरीज बच्ची को ऑपरेशन की सलाह दी गयी। बच्ची के परिवारजन उसको सहारा अस्पताल में डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मोनिका कार के पास लेकर आए। सारी रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने डॉ. गौरव सिंह जो कि सहारा हॉस्पिटल के प्रतिष्ठित व अनुभवी पीडियाट्रिक सर्जन है, से सर्जरी करवाने की सलाह दी।
बच्ची को प्राथमिक रूप से स्थिर करने के पश्चात ऑपरेशन की तैयारी की गयी। इस ऑपरेशन में विकृति पित्त की नली को निकाल कर छोटी आंत से नयी पित्त की नली को सफलतापूर्वक बनाया गया। सर्जरी के कुछ ही दिन के पश्चात बच्ची की हालत में सुधार हो गया और वह सामान्य तरीके से खाने-पीने लगी। डॉक्टर गौरव ने बताया कि इस सर्जरी की सफलता में सहारा हॉस्पिटल के एनस्थीसियोलाजिस्ट डॉक्टर आदेश श्रीवास्तव, कर्नल डॉ. आर पी रामा और ओ टी टैक्नीशियन शिव प्रसाद का भी अमूल्य योगदान रहा।
बच्ची के माता-पिता बेहद सन्तुष्ट थे और सहारा हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. गौरव सिंह एवं डॉक्टर मोनिका कार सहित सभी टीम का धन्यवाद तो किया ही अस्पताल की सुविधाओं व सेवाओं की प्रशंसा भी की।
सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंहजी ने बताया कि हमारे अभिभावक सहाराश्रीजी की प्रेरणा से और उनके विजन से निर्मित हॉस्पिटल में नित जटिल सर्जरी कर उपकरणों व अनुभवी टीम से लैस है, जहां 24 घंटे डॉक्टरों की बेहतर टीम मरीजों को लाभान्वित कर रही है।
श्री सिंह ने कहा कि हम उन्हीं की सोच पर चलते हुए अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते हुए हास्पिटल को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की तरफ अग्रसर हैं और
सहारा हॉस्पिटल का पीडियाट्रिक विभाग अत्याधुनिक इलाज देने में प्रयासरत हैं।



