सहारा हॉस्पिटल में जटिल आपरेशन से युवक के चेहरे को विकृत होने से बचाया
हर तरफ से निराश मरीज को हमेशा के लिए दिलायी निजात

लखनऊ : बाइस वर्षीय लखनऊ निवासी मरीज मोहम्मद साहिल को 4 साल पहले चेहरे पर सूजन और दर्द की शिकायत हुई। तब उसने एक डॉक्टर की सलाह पर आरसीटी कराया। मरीज को मुंह में सूजन और दर्द तो पहले से ही था और अब साथ ही उसे अब फीवर भी होने लगा था। फिर उसने सरकारी हॉस्पिटल में दिखाया जहां पर उसको डेंटल एक्स रे और साथ ही सीटी स्कैन करवाने को कहा। सीटी स्कैन जांच में उसके निचले जबड़े में (मैंडिबल ) बड़ा ट्यूमर पाया गया। वहां के डॉक्टर ने सलाह दी कि पूरा जबड़ा निकालना पड़ेगा।
मरीज ने फिर प्राइवेट हॉस्पिटल में भी सम्पर्क किया परन्तु सभी जगह उसका पूरा जबड़ा बाहर निकालने का ही सब लोगों ने आप्शन दिया।
मरीज बेहद निराश व परेशान हो चुका था। फिर मरीज ने किसी की सलाह पर सहारा हॉस्पिटल का इलाज के लिए चुनाव किया।
यहां पर आकर उसने सहारा हॉस्पिटल के अनुभवी डॉक्टर मैक्सिलोफेशियल सर्जन एसपीएस तुलसी को दिखाकर परामर्श लिया। उन्होंने बताया कि साहिल के निचले जबड़े (मैंडिबल) में सिस्ट/ट्यूमर है जिसने जबड़े की तीन चौथाई हड्डी को गला दिया है। बायप्सी करने पर ओंडोंटोजेनिक किरटौसिस्ट पाया गया जो कि निचले जबड़े में एक तरफ से दूसरे एक तरफ तक फैला हुआ था। डॉक्टर तुलसी ने बताया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा जो बेहद जटिल है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान वह उसके जबड़े को पूरी तरह बचाने की कोशिश करेंगे। साथ ही जबड़े को बचाने के लिए कई ऑपरेशन करने पड़ेंगे और लगभग साल से डेढ़ साल तक इलाज चलेगा।
मरीज का सात बार सीरियल मार्ससुप्लाइजेशन ऑपरेशन किया गया जिसमें जबड़े की हड्डी में विंडो बनाकर सिस्ट को निकालने की कोशिश की। हर 2 महीने में इस प्रक्रिया को दोहराया गया जिससे कि नयी हड्डी बननी शुरू हो गयी और धीरे-धीरे सिस्ट भी छोटी होती गयी। जब यह पूरी तरह से छोटी हो गयी और निकालने लायक हो गयी तब डॉक्टर ने फाइनल ऑपरेशन किया और जबड़ा भी बचा लिया।
मरीज को अगर सही इलाज नहीं मिलता तो उसको खाने की दिक्कत हो जाती साथ ही इतनी युवा उम्र में उसका चेहरा भी खराब हो जाता। डॉक्टर तुलसी ने अपनी सूझबूझ से मरीज का न केवल जबड़ा बचा लिया अपितु मरीज को सारी दिक्कतों से भी छुटकारा दिला दिया।
सहारा हॉस्पिटल में मरीज का जो भी प्रोसीजर हुआ है उसमें डॉक्टर तुलसी व उनकी टीम के कठिन प्रयास ,मरीज का सवा साल तक इलाज करवाने में सपोर्ट करना, सहारा हॉस्पिटल में उपलब्ध तकनीक से मरीज का जबड़ा बचाना सम्भव हो पाया।
सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंहजी ने बताया कि हमारे माननीय अभिभावक “सहाराश्री”जी ने विश्व स्तरीय सहारा हॉस्पिटल का निर्माण करवाया है जहां हर प्रकार की चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध है।
सहारा हॉस्पिटल का डेन्टल व मैक्सिलोफेशियल विभाग अन्य विभागों की तरह ही अत्याधुनिक उपकरणों व कुशल अनुभवी टीम से लैस है। श्री सिंह ने बताया कि सहारा हॉस्पिटल में 50 से भी अधिक विभिन्न बीमारियों से सम्बंधित चिकित्सा विभाग है जो अपनी सेवाएं देने को तत्पर रहते हैं। यहां पर किफायती दरों पर इलाज उपलब्ध है।


