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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान  में  (एलटीबीआई  ) यानी टीबी  के प्रति देश में जागरूकता लाने के लिए  दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

नई दिल्ली : आयुष मंत्रालय के अंतर्गत अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में सुप्त तपेदिक संक्रमण (एलटीबीआई ) यानी टीबी  के प्रति देश में जागरूकता लाने  और आयुर्वेद में इसका सफल उपचार उपलब्ध होने की जानकारी के प्रसार  के  उद्देशय से दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आज एक दिसंबर से शुरू हुआ.

इस संगोष्ठी में विशेष रूप से दिल्ली और हरियाणा राज्य के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी भाग ले रहे है और देश के तमाम मंचो से लोग सोशल मीडिया के लाइव प्लेटफॉर्म से भी इसका हिस्सा बन रहे है /  देश  ही  नहीं दुनिया की बड़ी आबादी  एलटीबीआई  से पीड़ित है इसमें टीबी के  जीवाणु  शरीर में सुप्तावस्था में रहते हैं और इससे बचाव के लिए विभिन्न रक्त  परिक्षण या टीएसटी टेस्ट   करवाने जरूरी होता है और अगर इसमें कोई भी परिक्षण  अगर पॉजिटिव रहता है तो एक्स रे करवाना जरूरी होता है / इसके अलावा  कार्यशाला में  सुप्त  क्षय रोग संक्रमण और आयुर्वेदिक प्रबंधन की जानकारी  दी जायगी /  रोग को समझने और इसके उपचार एवं प्रबंध के विषय में दो दिवसीय कार्यशाला में  विभिन्न सत्रों में जानकारी दे जायग।/ इसके अलावा  आयुष मंत्रालय  और स्वस्थ्य मंत्रालय की टीबी से जुडी  विभिन्न  योजनाओ की जानकारी दी जायगी/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के टीबी मुक्त भारत  अभियान को जन जन   तक कैसे पहुँचाया जाए इसपर भी चर्चा  होगी / आयुर्वेद टीबी मुक्त भारत में अपना हम योगदान दे सकता है और इसको लेकर किये गए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में केस स्टडीज़ और लाभार्थियों को भी देश और दुनिया के सामने लाया जायेगा / इस अवसर पर संस्थान की निदेशक प्रो ( डॉ ) तनूजा मनोज नेसरी ने कहा हम  प्रधानमंत्री जी  के नेतृत्व में 2025 तक टीबी को समाप्त करने की राह पर है और इस क्षेत्र में आयुर्वेद एक महत्वपुर्ण भूमिका निभाने में सक्षम है / उन्होंने आयुष मंत्रालय के प्रयासों की सराहना  करते हुए कहा कि अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान  टीबी जैसी बीमारी के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक संकल्पों की दिशा में नई ऊर्जा का संचार करेगी।
गौरतलब है संस्थान में टीबी की जानकारी , प्रबंध और निदान की दिशा में लम्बे समय से प्रयास किये जा रहे है और इसमें काफी सफलता भी मिली है /इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में जाने पाने एक्सपर्ट्स हिस्सा ले रहे हैं जो आयुर्वेद और एलोपैथ दोनों से जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर टीबी मुक्त भारत का शपथ भी लिया गया / इस अवसर पर कार्यक्रम की निदेशक प्रो तनूजा नेसरी ,  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय टीबी प्रभाग में संयुक्त निदेशक डॉ. रघुराम राव, डीन प्रो आनंद मोरे उपस्थित रहे/ डॉ जोनाह तथा डॉ दिव्या कजारिया ने इस कार्यकर्म का सयोंजन किया।

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