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भाजपा का असली चेहरा फिर बेनकाब, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने किया महात्मा गांधी का अपमान:वैभव वालिया

नई दिल्ली : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया ने कहा है कि बुधवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया। राष्ट्रपिता के हत्यारे को राष्ट्रभक्त बोलना सिर्फ राष्ट्रपिता का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का अपमान है। लेकिन यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी कई बार भाजपा नेता महात्मा गांधी का अपमान कर चुके हैं और सबसे शर्मनाक बात यह है कि जो प्रधानमंत्री देश और विदेश में गांधी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रवचन देते हैं, वो भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे गांधी के अपमान पर खामोश रहते हैं। वह विदेशों में जाकर बापू की प्रतिमा पर फूल चढ़ाते हैं, लेकिन जब देश में उनके ही सांसद, पूर्व मंत्री और नेता गांधी जी का अपमान करते हैं तब वह चुप रहते हैं।

श्री वालिया ने कहा कि यदि हम भाजपा के नेताओं, प्रवक्ताओं और उनसे जुड़े संगठनों द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किए गए बापू के हर अपमान का ज़िक्र करने लगें तो एक पूरी किताब लिखनी पड़ेगी। हम आज सिर्फ मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद के भाजपा के पांच बड़े नेताओं के बयानों का ज़िक्र कर रहे हैं। देखिए किस तरह बार- बा गांधी जी को अपमानित किया जाता है और प्रधानमंत्री कोई एक्शन नहीं लेते हैं।

1. भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भी गोडसे को देशभक्त बताया था वर्ष 2019 में भाजपा सांसद प्रज्ञा – ठाकुर ने भी त्रिवेंद्र सिंह रावत की तरह गोडसे को देशभक्त कहा था। जब प्रधानमंत्री से इस बाबत सवाल पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा था- मैं कभी दिल से उन्हें माफ नहीं करूंगा। आज तक उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

2. अमित शाह ने गांधी जी को चतुर बनिया कहा भाजपा में नंबर दो का स्थान रखने वाले अमित शाह ने 2017 में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी जी को ‘चतुर बनिया’ कहा था। सोचिए, जिस व्यक्ति ने आज़ादी की लड़ाई के दौरान सभी धर्मों और जातियों को एक करने का काम किया उसके लिए जाति सूचक शब्द के इस्तेमाल से बड़ा अपमान क्या हो सकता है।

3. संबित पात्रा ने नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपिता (देश का बाप) बताया- हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हैं। लेकिन भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक न्यूज़ चैनल के डिबेट में पीएम मोदी को देश का बाप बताया था।
असम से भाजपा सांसद कामाख्या प्रसाद ने महात्मा गांधी की तुलना कचरे से की वर्ष 2017 में खुले मंच से भाजपा सांसद कामाख्या प्रसाद ने गांधी जी की तुलना कचरे से की थी। उन्होंने कहा था कि दीन दयाल उपाध्याय की विचारधारा के बारे में जाने बिना लोगों के दिमाग में गांधी और नेहरू जैसा ‘कचरा’ भर दिया गया है।

5. भाजपा नेता अनंत हेगड़े ने बापू के स्वतंत्रता संघर्ष को ड्रामा बताया- आज से क़रीब 3 साल पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े ने गांधी जी के नेतृत्व में चले स्वतंत्रता आंदोलन को ड्रामा बताया था। उनका यह बयान न सिर्फ गांधी जी का बल्कि पूरे स्वतंत्रता आंदोलन और सभी आंदोलनकारियों का अपमान है।

ऐसे में हम प्रधानमंत्री से मांग करते हैं यदि उनके दिल में गांधी जी के लिए सही मायने में कोई स्थान है तो इस बार निर्णायक फ़ैसला लें। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पार्टी से बाहर करें एवं एक ज़ोरदार संदेश दें। और यदि ऐसा नहीं करते हैं तो गांधी जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाना और उनको लेकर प्रवचन देना बंद करें। ये ड्रामा नहीं चलेगा कि आप वैश्विक मंचों पर अपनी छवि चमकाने के लिए गांधी जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाएं और देश में अपने नेताओं से उन्हें गाली दिलवाएं।

वालिया ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी जी कहते हैं कि देश में गांधी और गोडसे की सोच के बीच लड़ाई चल रही है। हमारा स्पष्ट तौर पर मानना है कि गांधी जी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन हमेशा के लिए बंद होना चाहिए। नफ़रत की राजनीति बंद होनी चाहिए। इसीलिए राहुल गांधी जी नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं। गोडसे के मार्ग पर चलने वालों द्वारा लगाए गए नफ़रत के बाजार में हिंसा है, बंटवारे की राजनीति है, अत्याचार है, शोषण है और दुराचारियों को संरक्षण है। गांधी के दिखाए राह पर चलते हुए लोगों द्वारा लगाए गए मोहब्बत की दुकान में सबकी इज्ज़त है, सबका सम्मान है, भाईचारा है, बराबरी है और सब सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

आज जब गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताया जा रहा है तब उसके द्वारा खोले गए नफ़रत की दुकान को ठीक से समझने की ज़रूरत है। जो भी उसे देशभक्त बताते हैं उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की सामूहिक मांग उठनी चाहिए।

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