ला ट्रोब यूनिवर्सिटी की भारत में मजबूत होतीं साझेदारियां
लेडी श्रीराम कॉलेज, दिल्ली; जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल, पानीपत और बैंगलोर बायोइनोवेशन सेंटर, बैंगलोर के साथ सहमति करार पर हस्ताक्षर किए

नई दिल्ली : पानीपत – ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के वाइस चांस्लर प्रोफेसर जॉन डेवर एओ इस सप्ताह नई दिल्ली दौर पर आए हैं। उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री माननीय जेसन क्लेयर एमपी भी मौजूद हैं। भारत दौरे का मकसद यहां के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों और उद्योग जगत के भागीदारों के साथ रणनीतिक महत्व की साझेदारियां मज़बूत करना है।
तीन दिन के दौरे पर विभिन्न समारोहों में आधिकारिक समझौतों पर उनके हस्ताक्षर करने के साथ वैश्विक अनुसंधान और उद्योग जगत से साझेदारियां मजबूत होंगी और साथ ही, ला ट्रोब और भारत में इसके सहयोगी संगठनों के विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए विदेश में सीखने के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रो. जॉन डेवर बैंगलोर बायोइनोवेशन सेंटर, लेडी श्री राम कॉलेज और जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल सहित भारत के कई प्रमुख शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।
प्रोफेसर डेवर ने ऐसे प्रतिष्ठित अनुसंधान और शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के साथ नई साझेदारियों को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए भारत के साथ ला ट्रोब के पहले से मज़बूत संबंधों में और गहराई आने की बात की।
प्रो. डेवर ने कहा कि भारत के कई अग्रणी अनुसंधान, शिक्षा और सांस्कृतिक संस्थानों से घनिष्ठ संबंधों का हमारा एक लंबा और गौरवपूर्ण इतिहास रहा है और हमारे विभिन्न कैम्पसों और समुदायों में उनके योगदान को हम बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं।
बतौर विश्वविद्यालय हमारी सफलता के लिए हमारी भारतीय साझेदारियां का विशेष महत्व है चाहे वह महिला शोधकर्ताओं के लिए शाहरुख खान स्काॅलरशिप देना हो, मेलबर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव से साझेदारी करना या फिर भारतीय विरासत के हजारों विद्यार्थियों को ग्रैजुएट कराना, जो आज पूरी दुनिया में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं।”
प्रोफेसर डेवर ने भारत दौरे पर किए गए आधिकारिक हस्ताक्षरों को दोनों देशों के कर्मचारियों, विद्यार्थियों और समुदायों के लिए कई मायनों में लाभदायक बताया।
एक वैश्विक विश्वविद्यालय होने के नाते हम हमेशा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कायम करने और बढ़ाने के लिए नए रास्तों की तलाश करते रहे हैं जो न केवल हमारे विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए लाभदायक हों बल्कि उन संस्थानों के लिए भी नए और अधिक उत्साहवर्धक अवसर दे जिनके साथ हम साझेदारी करते हैं,’’ प्रोफेसर डेवर ने कहा।
‘‘आज हस्ताक्षर किए गए इन उत्साहवर्धक समझौतों से हमारे ये लक्ष्य पूरे होंगे और मैं आने वाले वर्षों में इन चार संस्थानों के साथ-साथ हमारे अन्य महत्वपूर्ण भारतीय भागीदारों के साथ सफलतापूर्वक काम करने को लेकर उत्साहित हूं।
ला ट्रोब ने 2 मार्च, 2023 को नई दिल्ली में निम्नलिखित संस्थानों के साथ सहमति करार पर हस्ताक्षर किए:
बैंगलोर बायोइनोवेशन सेंटर – सहमति करार पर हस्ताक्षर
बैंगलोर बायोइनोवेशन सेंटर (बीबीसी) भारत का सबसे बड़ा बायोटेक स्टार्ट-अप हब है। यह एक अत्याधुनिक ट्रांस्लेशनल अनुसंधान और उद्यमिता केंद्र है जो जीवन विज्ञान क्षेत्र के स्टार्ट-अप की सभी जरूरतें पूरी करता है। ला ट्रोब विक्टोरिया की सरकार के निवेश से 2023 में एक नया बायो इनोवेशन हब और डिजिटल इनोवेशन हब बनाएगा। इस इकोसिस्टम के शोधकर्ताओं और शुरुआती दौर में पहंुची कंपनियों को आपस में जोड़ कर ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों में प्रोडक्ट डेवलपमेंट पाइपलाइन विकसित करने का लक्ष्य है। ला ट्रोब और बीबीसी के इस नए सहयोग करार से बतौर स्टार्ट-अप इनोवेशनों की एक पाइपलाइन विकसित होगी। बीबीसी अपने स्टार्ट-अप्स को विस्तार करने की सुविधा देने के लिए वैश्विक संबंध कायम करने को प्रतिबद्ध है और यह विदेशी स्टार्ट-अप्स को भी सॉफ्ट लैंडिंग पैड प्रदान कर रहा है।

लेडी श्री राम कॉलेज – स्टुडेंट मोबिलिटी एग्रीमेंट के समर्थन और नवीकरण पत्र पर हस्ताक्षर
यह समर्थन पत्र लेडी श्री राम कॉलेज (एलएसआर) और ला ट्रोब के दीर्घकालिक करार को विस्तार देते हुए एलएसआर की छात्राओं के प्रत्येक वर्ष ला ट्रोब जा कर प्रोफेशनल विकास करने और फिर कर्मचारियों के आदान-प्रदान का मार्ग प्रशस्त करता है। इस करार के साथ एलएसआर का मिशन मजबूत होगा जो ‘‘वैश्विक व्यवस्था में तेजी से बदलते, प्रौद्योगिकी पर केंद्रित देश-दुनिया में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए महिलाओं को सशक्त करना है।’’ यह करार विद्यार्थियों के उस मोबिलिटी एग्रीमेंट के साथ काम करेगा जिसके तहत 2011 से दोनों संस्थानों के लगभग 60 विद्यार्थियों का आदान-प्रदान हो चुका है। ला ट्रोब-एलएसआर साझेदारी 1995 में हुई जो लगतार मजबूत हो रही है। इसके तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान और नई कोलंबो योजना के कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है। लेडी श्री राम कॉलेज महिला महाविद्यालय अपना आयाम बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह नई मिसालें रख रहा है जिनमें भारत की विशिष्टता और गुण और साथ ही, सांस्कृतिक विविधता उभर कर सामने आती है।
जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल – आर्टिकुलेशन एग्रीमेंट ज्यूरिस डॉक्टर पर हस्ताक्षर
इस करार के तहत जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के लाॅ अंडरग्रैजुएट ला ट्रोब युनिवर्सिटी में ज्यूरिस डॉक्टर के दो और तीन साल की पढ़ाई कर पाएंगे। जेजीएलएस भारत का सुप्रतिष्ठित लॉ स्कूल है। इसके कोर्स, अनुसंधान और सहयोग करार उच्च स्तरीय हैं। ला ट्रोब युनिवर्सिटी ने वैश्विक दृष्टिकोण रखते हुए पूरी दुनिया से फैकल्टी की नियुक्ति की है और सभी उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। इस करार से जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के लाॅ अंडरग्रैजुएट को विदेश में पढ़ने का अवसर मिलेगा और ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रगतिशील लाॅ स्कूलों में से एक ला ट्रोब लॉ स्कूल से लाॅ ग्रैजुएट की डिग्री मिलेगी। इस सहयोग से संस्थानों के बीच परस्पर अनुसंधान परियोजनाओं, कार्यशालाओं और सेमिनारों को बढ़ावा मिलेगा यह परिकल्पना की गई है।



