जीवन में अगर भक्ति नहीं है तो फिर कुछ भी नहीं है : प्रेमभूषण महाराज

लखनऊ। आप अगर भगवान के कृपा चाहते हैं तो उनसे कोई संबंध अवश्य स्थापित करें। क्योंकि मनुष्य वहीं आता जाता है जहां उसका संबंध होता है और अगर हम भगवान की बात करें तो वह मनुष्य के साथ केवल एक ही नाता मानते हैं वह है भक्ति का नाता है। ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में सीएमएस विद्यालय के मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन महाराज श्री ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए उक्त बातें कहीं।

प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि भगवान को जाती-पाती, कुल, धन, प्रतिष्ठा अथवा विद्वता से कोई भी लेना देना नहीं है। माता शबरी से स्वयं भगवान ने बताया कि मनुष्य के साथ हमारा केवल भक्ति का ही संबंध होता है। भगत का कुछ भी अपना नहीं होता है। सब भगवान का ही होता है और वह अपने को प्राप्त हर वस्तु को भगवत कृपा के प्रसादी ही मानकर चलता है।महाराज जी ने कहा कि सरल जीवन जीने वाले के लिए ही भगवान स्वयं चलकर मिलते हैं। तारकेश्वर मिश्र ने बताया कि रविवार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को समर्पित कथा दोपहर 12 बजे से ही शुरू होगी और कथा की पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
अष्टम दिवस की कथा की समाप्ति पर भव्य आरती का आयोजन किया गया जिसे नैमिषारण्य से आए सुनीत पाण्डेय और विशेष पंडितों के समूह ने बड़े भव्य तरीके से संपन्न किया। भगवान श्रीराम की वन यात्रा, लंका विजय और राज्याभिषेक के प्रसंगों का श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य अवनीश सिंह, हनुमान गढी अयोध्या के महन्त राजूदास, प्रतिष्ठित व्यवसायी सचिन अग्रवाल सहित प्रतिष्ठित चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी कथा स्थल पर उपस्थित रहे।



