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जो संस्थाएं दुनिया भर में लोगों को सम्मानित कर रही हैं,  उनका भी सम्मान होना चाहिए : गिरीश नाथ झा

ज़िन्दगी से ले गया अमृत चुराकर कौन'

रिपोर्ट -विनीता रानी विन्नी

हिन्दी अकादमी, मुंबई का राष्ट्रीय सम्मान समारोह आयोजित

नई दिल्ली : ज़िन्दगी से ले गया अमृत चुराकर कौन,ज़िन्दगी भर पीर सह कर तुम गरल पीते रहे मज़बूरियों वश,और मै बन मूक दर्शक देखता भर रह गया होकर विवश, तुम अनवरत चलते रहे ऐसी डगर पर जो…
उक्त पंक्तियाँ हंसराज कॉलेज नई दिल्ली में हिन्दी अकादमी, मुंबई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार बी एल गौड़ ने बतौर मुख्य अतिथि पेश कर श्रोताओं को मन्त्रमुग्ध कर दिया.

हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के पद्मश्री ज्ञान प्रकाश चोपड़ा संगोष्ठी कक्ष में 17 दिसंबर को आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मान समारोह की अध्यक्षता प्रो. गिरीश नाथ झा (अध्यक्ष- वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय) ने की.

मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी  बी.एल. गौड़ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पीयूष शुक्ल (संयुक्त आयुक्त- जीएसटी, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार) थे.

इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अनवरत सक्रिय योगदान के लिए विभिन्न विभूतियों को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया. यह राष्ट्रीय सम्मान चयन समिति के माध्यम से किया गया ।


सम्मान के लिए चयनित विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत हिंदी अकादमी गौरव सम्मान हेतु हंसराज कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रमा, इंग्लैंड की सुप्रसिद्ध साहित्यकार जय वर्मा, आस्ट्रेलिया की सुप्रसिद्ध साहित्यकार रेखा राजवंशी और अमेरिका की सुप्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ.अनीता कपूर को चयनित किया गया था ।

सुप्रसिद्ध कवयित्री एवं लेखिका श्रीमती रमा शर्मा,हिन्दी प्रचारक, टोक्यो, जापान को हिन्दी सेवा भूषण सम्मान से नवाज़ा गया. इसी क्रम मेें साहित्य भूषण सम्मान हेतु जय प्रकाश पांडेय (दिल्ली), डॉ. नूतन पांडेय (दिल्ली), मीना अरोड़ा (उत्तराखंड) एवं हेमलता शर्मा भोली बेन(इंदौर, मध्यप्रदेश) को सम्मानित किया गया.

पत्रकारिता भूषण सम्मान  प्रो. संजय द्विवेदी (दिल्ली), सुरेश चंद्र शुक्ला (नार्वे) तथा राकेश छोकर (सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) तथा समाज सेवा भूषण सम्मान बी. एल. गौड़ (सुप्रसिद्ध साहित्यकार तथा समाजसेवी, दिल्ली)  इंद्रजीत शर्मा (न्यूयॉर्क, अमेरिका) को दिया गया.

इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता कर रहे  गिरीश नाथ झा अध्यक्ष- वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय) ने कहा कि जो संस्थाएं लोगों को सम्मानित कर रही हैं, दुनिया भर में उनका भी उनका भी सम्मान किया जाना चाहिए. हिन्दी अंतर्राष्ट्रीय सशक्त भाषा है, इसकी प्रचार समितियों में सुधार की आवश्यकता है. हम लोग हिन्दी का वृहद कोष बना रहे हैं. इस अवसर पर समाज सेवा भूषण सम्मान से नवाज़े गए इंद्रजीत शर्मा ने सम्मानित होने वाली सभी विभूतियों को बधाई दी. उन्होंने बताया कि सेवा के क्षेत्र में यूएसए में मैं काम कर रहा हूं.यूएसए में दो साल में एक सम्मेलन कराता हूं.यू एस ए में मुझे गए 38 साल हो गए हैं. यू एस ए सरकार ने मुझे सम्मानित भी किया. 85 लाइब्रेरी में मैंने लाखों किताबें दान दी हैं. न्यूयोर्क में मेयर ने किताबें लाइब्रेरी में रखी हैं. सौ से ज्यादा रैक मेरे द्वारा दिए गए हैं, यह सैकड़ो साल वहां रहेंगे. मैं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति से जुड़ा हूं. मैं यू एसए का निदेशक हूं.


सम्मान के अगले क्रम में शिक्षा भूषण सम्मान दिल्ली के प्रो. सत्यकेतु सांकृत, भावना अरोड़ा,  यशवंत यश तथा  मेघना गांधी को दिया गया।


इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. दीपक पांडेय (सहायक निदेशक- केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) एवं डॉ. विजय कुमार मिश्र (सहायक प्राध्यापक- हंसराज कॉलेज) द्वारा किया गया.
इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित साहित्यकार तथा समाजसेवियों ने शिरकत की ।

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