महिलाओं की 50 प्रतिशत आबादी की उपेक्षा करते हैं तो हमारी प्रगति अधूरी रहेगी : मुख्य सचिव
महिला सुरक्षा एवं अधिकारिता पर सम्मेलन आयोजित

लखनऊ : मुख्य सचिवों का दूसरा सम्मेलन जनवरी 2023 में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसका विषय ’विकसित भारत-अंतिम मील तक पहुंचना’ है। सम्मेलन के लिए 12 उप-विषयों की पहचान की गई है। उत्तर प्रदेश को ’महिला सुरक्षा और अधिकारिता के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाना’ उप-विषय के लिए अग्रणी राज्य के रूप में नामित किया गया है। इस उप-विषय के लिए 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कार्य समूह का गठन किया गया है। महिला सुरक्षा और अधिकारिता के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर एक सम्मेलन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में आयोजित किया गया।
मुख्य सचिव सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री जी के समक्ष इस सम्मेलन की सीख और निष्कर्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा गया है। यदि हम महिलाओं की 50 प्रतिशत आबादी की उपेक्षा करते हैं तो हमारी प्रगति अधूरी रहेगी। उनकी सुरक्षा और सशक्तिकरण बहुत महत्वपूर्ण है और यह दिन भर चलने वाली कार्यशाला सर्वाेत्तम व्यावहारिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करेगी जिन्हें महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए अपनाया जा सकता है।
सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग अनामिका सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने कार्यशाला की तैयारी के अंतर्गत नवंबर माह में ही संबधित विभागों एवं हितधारकों के साथ बैठकों का आयोजन किया जिसमें महिला सुरक्षा से संबन्धित मुद्दों, चुनौतियों एवं सुझावों को शामिल किया गया।
निदेशक, महिला कल्याण श्री मनोज राय ने कहा लिंग अनुकूल वातावरण की कमी, अभियोजन की कम दर और कानूनी प्रणाली में जटिलताएं, कठोर पितृसत्तात्मक मानदंड, लैंगिक रूढ़िवादिता, आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की कम भागीदारी और श्रम शक्ति प्रमुख चुनौतियां हैं।
यूनिसेफ फील्ड ऑफिस उत्तर प्रदेश के प्रमुख डॉ. जकारी एडम ने कहा कि बचपन से ही हमें महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करें कि बचपन से ही कोई लैंगिक भेदभाव और लिंग आधारित हिंसा न हो। किशोरों की शक्ति का भी हमें एहसास है, वे बच्चों के लिए रोल मॉडल हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के एडीजी डॉ. आशुतोष पांडे ने अभियोजन संबंधी हस्तक्षेपों और सर्वाेत्तम प्रथाओं को बढ़ाने में यूपी के काम को प्रस्तुत किया.
सचिव एमडब्ल्यूसीडी भारत सरकार इंदेवर पांडे ने अभियोजन दर बढ़ाने के लिए यूपी पुलिस/अभियोजन विभाग की पहल की भी सराहना की।
सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव, मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, अंडमान और निकोबारद्वीप, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, केरल, लद्दाख, मध्यप्रदेश, नागालैंड, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश) के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिवों ने भाग लिया।



