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डिज़्नी+ हॉटस्टार के बेहतरीन शो ‘कर्म युद्ध’ के अंदर एक लकवाग्रस्त किरदार निभाने की बात करते हुए राजेश खट्टर

अब वर्धन अपने चेहरे का उपयोग नहीं कर सकते अगर कुछ बचा है तो वह है केवल आंखें:

खून के बदले खून की लड़ाई में कौन जीतता है और वह भी किस कीमत पर? डिज़्नी+ हॉटस्टार ने अपने बिल्कुल नए पारिवारिक ड्रामा हॉटस्टार स्पेशल्स ‘कर्म युद्ध’ के साथ अपने दर्शकों को एक बेहद शानदार कहानी के माध्यम से इस पहेली को हल करने के लिए इसके ट्रेलर की घोषणा की है। यह कहानी कोलकाता शहर पर आधारित है। इस कहानी के अंदर पारिवारिक ड्रामा रॉय खानदान के इर्द-गिर्द घूमता है जोकि सत्ता के लिए कुछ भी कर गुजरने को आतुर हैं और जिन्होंने इस शहर पर दशकों से राज किया है। कहानी के अंदर कई बेहतरीन मोड़ आते हैं जहां पर रॉय ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज पर नियंत्रण की जद्दोजहद जारी है। हैप्पी डिजिटल (श्री अधिकारी ब्रदर्स) के गौतम अधिकारी, मकरंद अधिकारी और कैलाशनाथ अधिकारी द्वारा निर्मित और रवि अधिकारी द्वारा निर्देशित, इस श्रृंखला के अंदर बेहद प्रतिभाशाली कलाकारों का जमावड़ा है जिसमे सतीश कौशिक, राजेश खट्टर, आशुतोष राणा, पाओली डैम, अंकित बिष्ट, प्रणय पचौरी, सौंदर्या शर्मा, चंदन सान्याल जैसे बेहतरीन कलाकार अभिनय कर रहे हैं। ‘वर्धन रॉय’ का किरदार निभा रहे हैं बेहतरीन अभिनेता राजेश खट्टर जोकि लकवाग्रस्त हो चुका है तथा इस विशाल बिजनेस का दूसरा उत्तराधिकारी है। राजेश खट्टर ने लकवाग्रस्त किरदार के चरित्र को निभाने की अपनी चुनौतियों को साझा किया।

उन्होंने बताया “एक विकलांग किरदार को निभाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि आमतौर पर हम अभिनेता अपने शरीर का उपयोग अभिनय करने के लिए एक उपकरण के रूप में करते हैं जैसे कि हाथ के हाव भाव, किरदार के चलने फिरने का तरीका, कंधों को आगे पीछे करना या इस तरह की छोटी छोटी बातें किरदार के बारे में बहुत कुछ बताती हैं, लेकिन जब आपसे यह सब छीन लिया जाता है तो जो आपके पास बचता है, वह है केवल एक चेहरा। जहां तक वर्धन के किरदार की बात है, तो यहां तो मैं चेहरे का उपयोग भी नहीं कर सकता इसलिए किरदार को व्यक्त करने के लिए मेरे पास केवल आंखें बची थी। यह किरदार शो में अलग-अलग भावनाओं से गुजरता है जिसकी अभिव्यक्ति केवल आंखों से की जा सकती है।”

उन्होंने आगे कहा “कुछ लोगों की सहायता से तथा मेरी अपनी शोध से इस भूमिका को अच्छे से निभाने में काफी सहायता मिली। किरदार को निभाने के लिए मैंने वास्तविक जीवन के कुछ मामलों से सहायता प्राप्त की, लेकिन काफी हद तक मुझे हमारे निर्देशक रवि जी के इनपुट पर ही निर्भर रहना पड़ा, चूंकि मेरे ज्यादातर सीन पाओली के साथ थे, इसलिए मैंने उनका फीडबैक भी लिया।”

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