उत्तर-प्रदेशलखनऊ

पूरे प्रदेश के जनपद मुख्यालय पर भड़के लोनिवि डिप्लोमा इंजीनियर्स

विभागाध्यक्ष की मनमानी के खिलाफ लोनिवि में धरना

लखनऊ । संगठन में तोड़फोड़ की राजनीति बंद करने सहित पॉच सूत्रीय मांगों के निस्तारण के लिए वार्ता और समस्याओं के निराकरण के लिए विभागाध्यक्ष द्वारा समय न दिये जाने पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने राजधानी के लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय सहित पूरे प्रदेष के जनपद मुख्यालय पर धरना देते हुए पॉच सूत्रीय ज्ञापन सौपा।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग, उ.प्र. की केन्द्रीय कार्यकारिणी द्वारा प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ.प्र. को दिये गये संघ र्श नोटिस 07 जून 2022 के माध्यम से संवर्ग की 05 सूत्रीय मांग पर संघ के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता कर समस्याओं को निस्तारित किये जाने हेतु 12 जून .2022 तक का समय दिया गया था, परन्तु विभागाध्यक्ष द्वारा हठधर्मिता एवं तानाषाही रवैया अपनाते हुए न तो प्रतिनिधि मण्डल के साथ वार्ता की गयी, न ही समस्याओं का निस्तारण किया गया। संघर्ष नोटिस 07 जून में दिये गये कार्यक्रम के अनुसार आज पूरे प्रदेष में लोक निर्माण विभाग के जनपद मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्षन किया गया। इसी परिपेक्ष्य में आज लखनऊ जनपद में धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। धरने के उपरान्त धरना स्थल पर पहुचें अधीक्षण अभियंता, ओ. पी.सोनकर को प्रदेश अध्यक्ष एन.डी. द्विवेदी की उपस्थित में ज्ञापन सौंपा गया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. राजकरन, संचालन इं.प्रदीप कुमार षुक्ला द्वारा किया गया।
सभा को इं. एन.डी. द्विवेदी, प्रान्तीय अध्यक्ष, इं. श्रवण कुमार, प्रान्तीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इं. प्रकाष चन्द, प्रान्तीय महामंत्री, इं.एच.एन. मिश्रा, अतिरिक्त महामंत्री, इं.एस.के.त्रिपाठी, चेयरमैन संघर्ष समिति, इं. श्रीयोधन, उपाध्यक्ष, इं. रवि वर्मा, मंत्री सिविल, इं.चंद्रकेष मौर्या, मंत्री प्राविधिक, इं. मनोज कुमार श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी, इं. राजर्षि त्रिपाठी, मण्डल अध्यक्ष महासंघ,.राजेष कुमार वर्मा, क्षेत्रीय अध्यक्ष (मध्य क्षेत्र), इं.विनोद कुमार गौतम, क्षेत्रीय महामंत्री (मध्य क्षेत्र), इं.सुधीर गुप्ता, जनपद अध्यक्ष महासंघ, इं.ामेष्वर यादव, अध्यक्ष अभियन्ता कल्याण समिति, इं.कपूर गौतम, महासचिव अभियन्ता कल्याण समिति आदि के द्वारा सम्बोधित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों द्वारा एक सुर में मांग की गयी, कि विभागाध्यक्ष को हठधर्मिता छोड़कर तत्काल प्रतिनिधि मण्डल के साथ वार्ता कर समस्याओं का निस्तारण करना चाहिये, अन्यथा संघ द्वारा भविष्य में किये जाने वाले वष्हद आंदोलन से होने वाली क्षति की जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष/विभाग की होगी।

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