उत्तर-प्रदेशलखनऊ
गीता जीवन जीने की कला सिखाने का ग्रंथ:महेंद्र सिंह

चेरिश टाइम्स न्यूज़
लखनऊ. “गीता ना तो पढ़ने वाला शास्त्र है, ना सुनने वाला वरन यह तो एक जीने का शास्त्र है”. इन्हीं शब्दों के साथ तीन दिवसीय गीता शिविर की शुरुआत राजयोगिनी राधा दीदी ने आईएमआरटी बिजनेस स्कूल, विपुल खंड में की. दीप प्रजवल्लन के पश्चात,शिविर का उद्घाटन करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने लखनऊ की नजाकत एवं नफासत का जिक्र करते हुए कर्नाटक से शिविर कराने आई राजयोगिनी वीणा दीदी जी का स्वागत किया। गीता को संपूर्ण राजयोग का पथ प्रदर्शक बताते हुए इसे जीवन जीने की कला सिखाने का ग्रंथ बताया.

गीता पर व्याख्यान आरंभ करते हुए वीणा दीदी ने बताया गीता वास्तव में मनुष्य और भगवान के बीच का वार्तालाप है. गीता, भगवान कृष्ण द्वारा अवसाद में गrए अर्जुन को दी गई, काउंसलिंग है. गीता जीवन में संतुलन एवं समभाव धारण करने का योगशास्त्र है.




