शिक्षक बना राष्ट्र निर्माता: जीएसवीएम में 162 गुरुओं का सम्मान, ज्योति बाबा बने नशा मुक्ति चैंपियन
कानपुर। शनिवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का सभागार शिक्षा, सम्मान और संकल्प के संगम में बदल गया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राजा भरत अवस्थी की अगुवाई में आयोजित भव्य शिक्षक सम्मान समारोह में ज्ञान की गंगा बही।
समारोह के मुख्य अतिथि एडीएम सिटी आलोक कुमार गुप्ता और विशिष्ट अतिथि एमएलसी राज बहादुर सिंह चंदेल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एस.पी. तिवारी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यहाँ मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टरों और प्रोफेसरों के साथ-साथ एचबीटीयू, डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 162 से अधिक शिक्षकों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट में शिक्षकों का हौसला दोगुना हो गया।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण – नशा मुक्ति चैंपियन अवार्ड
समारोह में उस शख्सियत को सलाम किया गया, जो पिछले 35 वर्षों से नशे के खिलाफ जंग लड़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख, एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी और सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक योग गुरु ज्योति बाबा को “नशा मुक्ति चैंपियन अवार्ड” से नवाजा गया।
सम्मान लेने के बाद ज्योति बाबा ने पूरे हॉल को शपथ दिला दी। उन्होंने कहा, “अगर 2047 में विकसित भारत बनाना है, तो हर स्कूल-कॉलेज को सबसे पहले नशा मुक्त बनना होगा। एक शिक्षक अगर ठान ले तो पूरी पीढ़ी नशे से बच सकती है। आइए, हर विद्यालय को नशा मुक्ति का केंद्र बनाएं।”
ज्योति बाबा के इस आह्वान पर सभी 162 शिक्षकों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे अपने-अपने विद्यालय में नशा मुक्ति परिवार आंदोलन चलाएंगे।
कार्यक्रम को गरिमामय बनाने में संजय कुमार शुक्ला, डॉ. रिचा गिरी, डॉ. एस.के. बर्मन, डॉ. सौरभ अग्रवाल, विनय प्रताप सिंह, मनोज कुमार, डॉ. रचना त्रिवेदी, डॉ. अंकित त्रिवेदी और गीता पाल की विशेष भूमिका रही।



