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लखनऊ मेट्रो के नौ वर्ष : शहर, स्मृतियाँ और छायाचित्रों का उत्सव”

लखनऊ : उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने लखनऊ मेट्रो के सफल परिचालन के 9 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के अवसर पर हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर विविध कार्यक्रमों के साथ 9वाँ मेट्रो दिवस मनाया। वर्ष 2017 में शुरू हुई लखनऊ मेट्रो ने नौ वर्षों में सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आयोजित मेट्रो फोटो वॉक के दौरान खींचे गए चयनित 20 छायाचित्रों की प्रदर्शनी के उद्घाटन और अवलोकन से हुआ। यह प्रदर्शनी शहर के प्रतिष्ठित कलाकार एवं क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना के संयोजन में आयोजित की गई, जिसमें लखनऊ की विरासत, स्थापत्य, जनजीवन और मेट्रो यात्रा के सौंदर्य को कैमरे में कैद किया गया। UPMRC के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करते हुए सभी फोटोग्राफरों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर प्रदर्शनी के सफल संयोजन के लिए क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना और फोटो वॉक के मेंटोर कुंवर जी को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मेट्रो दिवस समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को MD’s Medal Awards से सम्मानित किया गया। प्रोजेक्ट, ऑपरेशन एवं रोलिंग स्टॉक, मेंटेनेंस तथा सपोर्टिंग स्टाफ श्रेणियों में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए। साथ ही आगरा के ताजमहल (TJML) मेट्रो स्टेशन को बेस्ट केप्ट मेट्रो स्टेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर लखनऊ मेट्रो के 15 करोड़वें यात्री के रूप में हिमांशी कश्यप का अभिनंदन किया गया। साथ ही सर्वाधिक GoSmart कार्ड उपयोग करने वाले तीन नियमित यात्रियों—अनामिका मिश्रा, मोहम्मद मोइन-उल-हक और एल.पी. मौर्य—को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी आकर्षण बढ़ाया। लखनऊ पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने “पुष्पक से मेट्रो तक” विषय पर नाट्य प्रस्तुति देकर प्राचीन परिवहन से आधुनिक मेट्रो तक की यात्रा को सृजनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

अपने संबोधन में UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि लखनऊ मेट्रो की नौ वर्षों की उपलब्धियाँ कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण और टीमवर्क का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि UPMRC ने प्रति यात्री किराया राजस्व, प्रति किलोमीटर आय, गैर-किराया राजस्व, सिग्नलिंग विश्वसनीयता और ऊर्जा दक्षता जैसे कई मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के समयबद्ध निर्माण से पुराने लखनऊ को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ते हुए शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

मेट्रो दिवस का यह आयोजन केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि लखनऊ शहर की गतिशील संस्कृति, नागरिक सहभागिता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का उत्सव भी बन गया। यहाँ मेट्रो ने परिवहन के साथ-साथ कला, फोटोग्राफी और शहर की सांस्कृतिक स्मृतियों को भी एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ छायाचित्रों के माध्यम से लखनऊ ने स्वयं को एक नए दृष्टिकोण से देखा और महसूस किया।

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