डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव ने भरा नामांकन, अधिवक्ताओं के लिए ‘आमूल-चूल’ परिवर्तन का संकल्प

प्रयागराज। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच एक ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया। हाई कोर्ट लखनऊ के प्रतिष्ठित एडवोकेट डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव, ने प्रयागराज स्थित बार काउंसिल कार्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस कदम ने चुनाव की दिशा को स्पष्ट रूप से मोड़ दिया है, क्योंकि उन्हें अधिवक्ताओं और सामाजिक विशिष्टजनों का व्यापक समर्थन मिला है।
नामांकन पत्र दाखिल करने का यह अवसर किसी उत्सव से कम नहीं था। अधिवक्ताओं और समाज के सम्मानित वरिष्ठ जनों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया। सभी ने डॉ. यादव के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताते हुए उन्हें विजय का आशीर्वाद प्रदान किया।
इस मौके पर प्रदेश भर से विशिष्ट हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता जे. के. सिन्हा, एस. सी. गुप्ता, रामसागर यादव, अनुपम मिश्रा शामिल थे। लखनऊ से बलराम यादव गोविंद यादव, अनुराग पांडे, तथा विभिन्न जनपदों जैसे बाराबंकी से शैलेन्द्र वर्मा, सीतापुर से जे. डी. आजाद, और अम्बेडकर नगर से महेंद्र कुमार के प्रतिनिधि भी अपनी एकजुटता दिखाने के लिए मौजूद थे। कर्नल राजेंद्र प्रसाद यादव और मेजर एस. पी. शाक्य जैसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने डॉ. यादव की व्यापक सामाजिक पहुँच को दर्शाया।
नामांकन के उपरांत अपने संबोधन में, डॉ. यादव ने अधिवक्ताओं की दशा और न्यायिक व्यवस्था में सुधार हेतु कई आमूल-चूल परिवर्तनकारी प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
डॉ. यादव ने अपने संदेश को एक प्रेरक छंद के साथ समाप्त किया और दृढ़ता से कहा अब न्यायपालिका में आमूल-चूल परिवर्तन का समय आ चुका है। अधिवक्ताओं के जीवन में नया सवेरा आने वाला है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं की गरिमा, अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए वे पूर्ण निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे, जिससे बार काउंसिल एक आधुनिक और जवाबदेह संस्था बन सके।
इस ऐतिहासिक नामांकन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव इस चुनाव को केवल लड़ने नहीं बल्कि अधिवक्ताओं के जीवन में आमूल-चूल बदलाव लाने के दृढ़ संकल्प के साथ उतरे हैं।



