कर्तव्य पथ प बनेगा विश्व कीर्तिमान – 10 किमी लंबे कैनवस पर होगी विश्व की सबसे बढ़ी लाइव पेंटिंग : कुलजीत सिंह चहल

नई दिल्ली : एक ही कैनवास पर एक साथ सर्वाधिक कलाकारों द्वारा योगदान” का रिकॉर्ड 5,084 कलाकारों के नाम है, जिसे Fundación Olga Sinclair ने वर्ष 2014 में पनामा में बनाया था। यह पेंटिंग पनामा नहर की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बनाई गई थी।_ इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) कल 19 सितंबर, 2025 को 10 किमी लंबी कैनवास पेंटिंग बनाकर कर्तव्य पथ लॉन, नई दिल्ली में एक नया विश्व कीर्तिमान रचेगी ।
श्री चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…… सेवा ही संकल्प है, भारत प्रथम प्रेरणा है……75 साल के ध्यान में रखते हुए परिषद 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक सेवा पर्व के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी । इन्हीं कार्यक्रमों की श्रृंखला में *“विकसित भारत के रंग, कला के संग” कार्यक्रम त्रिवेणी कला संगम एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से कल आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन की जानकारी आज एनडीएमसी उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
श्री चहल ने कहा कि कल का दिन ऐतिहासिक होगा, जब लाइव पेंटिंग के सभी पुराने रिकॉर्ड टूटेंगे। चहल ने बताया की इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में हर राज्य, हर जिला और हर गाँव अपनी-अपनी भागीदारी निभाएगा । पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ऐसा आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से प्रमुख पद्मविभूषण, पद्मश्री सम्मानित एवं ख्यातिप्राप्त कलाकार हिस्सा लेंगे। इनमें श्री जतिन दास, बिमन बी. बस (दिल्ली), अद्वैत गडनायक (ओडिशा), जय प्रकाश (दिल्ली), रामकिशन छीपा (राजस्थान), शांति देवी (बिहार), परेश रठवा (गुजरात), कल्याण जोशी, निर्मल सोनी, लोकेश जोशी, आयुष छिप्पावल, लविष जोशी सहित अनेक कलाकार इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य भूमिका निभाएगे ।
इस अवसर पर अमर धारणी निदेशक त्रिवेणी कला संगम ने कहा कि जैसे विज्ञान, तकनीक और कृषि जैसे क्षेत्र मुख्यधारा में आते हैं, वैसे ही इस आयोजन से कलाकारों को भी मुख्यधारा में पहचान मिलेगी। माननीय प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में प्रगति हो और सभी को आत्मनिर्भर व अग्रणी बनाया जाए। कलाकारों का भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है और यह आयोजन उनके लिए पहचान एवं सम्मान का अवसर बनेगा।
हर्षवर्धन शर्मा, परामर्शदाता (कला एवं संस्कृति) ने कहा कि कलाकार देश की बौद्धिक और सांस्कृतिक Soft Power हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह Soft Power देश के विकास से जुड़ रही है और यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।
कल विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने वाले मुख्य बिंदु (As highlighted by Shri Chahal):
1. Largest Number of Artists Painting Together
“25,000 से अधिक कलाकार एक ही थीम पर साथ मिलकर चित्रकारी करेंगे—इतने बड़े पैमाने पर पहली बार।”
2. Longest Continuous Canvas
“10 किलोमीटर लंबा कैनवस—लगातार स्ट्रोक दर स्ट्रोक कलाकारों द्वारा रंगा जाएगा।”
3. Largest Live Art Event
“इतने बड़े पैमाने पर लाइव पेंटिंग का यह अब तक विश्व का सबसे बड़ा आयोजन होगा।”
4. Awardees Painting Together
“पद्मविभूषण, पद्मश्री और अन्य पुरस्कृत कलाकार छात्र-छात्राओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चित्रकारी करेंगे।”
5. One Theme, One Nation – Vikshit Bharat
“सभी कलाकार एक ही थीम—‘विकसित भारत’—को अपने रंगों में उकेरेंगे, एक राष्ट्र, एक दृष्टि, हज़ारों स्वर।”
6. Most Diverse Participation
“बच्चे, छात्र, वरिष्ठ कलाकार, ग्रामीण कारीगर, दिव्यांग कलाकार—सभी आयु और वर्ग के लोग इसमें शामिल होंगे।”
7. Art for a National Vision
“इतनी बड़ी कला गतिविधि पहली बार ‘विकसित भारत’ की राष्ट्रीय दृष्टि से जोड़ी जा रही है।”
8. Fastest Collective Creation
“25,000 से अधिक कलाकार कुछ ही घंटों में अपने चित्र पूरे करेंगे—अनुशासन और एकता का जीवंत उदाहरण।”
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विकसित भारत की नींव – श्री चहल ने कार्यक्रम के प्रमुख बिन्दुओ की जानकारी दी ।
• यह अपने आप में दुनिया का पहला और अनूठा आयोजन होगा।
• भारत के सभी राज्यों के प्रोफेशनल कलाकार इसमें भाग ले रहे हैं।
• पिछले 10 दिनों से तैयारी चल रही है और पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी।
• अब तक 40,000 से अधिक कलाकार पंजीकरण कर चुके हैं।
• 9,300 वरिष्ठ एवं प्रख्यात कलाकार (पद्मविभूषण, पद्मश्री और अन्य सम्मानित कलाकार शामिल) ।
*भागीदारी का अब तक का विवरण:* –
श्रेणी संख्या
कॉलेज छात्र 22,750
अन्य 1,469
प्रोफेशनल एवं युवा कलाकार 9,300
स्कूल छात्र 7,800
*कुल 41,319*
• इसमें 60% महिला एवं युवती कलाकार और 40% पुरुष कलाकार शामिल होंगे।
• कार्यक्रम सुबह 9 बजे प्रारंभ होगा, जिसमें प्रत्येक कलाकार को “विकसित भारत” थीम पर कला प्रस्तुत करनी होगी।
• कुल 10 किमी लंबा कैनवस बनेगा— विश्व में इस तरह का आयोजन पहली बार होगा।
• दिल्ली विश्वविद्यालय के 55 कॉलेज और एनडीएमसी और निजी के 45 स्कूल भी भाग लेंगे।
• कलाकार 2047 के विकसित भारत की कल्पना को अपनी कला में उकेरेंगे—एक ऐसा भारत जो विश्व गुरु होगा और दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी स्थान रखेगा।



