उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

ऊर्जा, स्वच्छता, पर्यावरण और रोजगार – पंचायती राज विभाग की पहल लाई ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी बदलाव

किरा ग्राम पंचायत का बायोगैस प्लांट बना आत्मनिर्भरता और हरित विकास का मॉडल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद की शाहाबाद तहसील स्थित किरा ग्राम पंचायत ने पंचायती राज विभाग की अभिनव पहल के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। यहां स्थापित 85 घन मीटर क्षमता वाले बायोगैस प्लांट ने ग्रामीण जीवन में ऊर्जा क्रांति ला दी है। प्रतिदिन लगभग 51 किलो बायोगैस उत्पादन के आधार पर संचालित जेनरेटर से अब तक 25,200 यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा चुका है। इससे पंचायत को लगभग ₹2.5 लाख की सीधी बचत हुई है। यह विद्युत न केवल खेती और सिंचाई जैसे कृषि कार्यों के लिए उपयोग में लाई जा रही है, बल्कि चारा मशीन, सामुदायिक भवन और अन्य ग्रामीण आवश्यकताओं को भी स्थानीय स्तर पर पूरा कर रही है। इस परियोजना ने गांव को बाहरी स्रोतों पर निर्भर होने से मुक्त कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।

बायोगैस प्लांट ने केवल ऊर्जा की समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि गांव की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बिजली से हुई बचत के अतिरिक्त पंचायत को अब तक ₹53,000 की अतिरिक्त आय भी प्राप्त हुई है, जिसे स्थानीय विकास कार्यों में निवेश किया गया है। साथ ही, पंचायत ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए ऑयल प्रेस मशीन की शुरुआत की है। इसमें किसानों की सरसों से शुद्ध तेल निकाला जा रहा है, जिससे ग्रामीण उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल से युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। दूसरी ओर, बायोगैस प्लांट से निकलने वाले अवशेष का उपयोग जैविक खाद के रूप में किया जा रहा है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हुई है और किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरणा मिली है। इस प्रकार यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण उद्योग और पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय संगम प्रस्तुत कर रही है।

*पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर* ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किरा ग्राम पंचायत की उपलब्धि संपूर्ण प्रदेश के लिए प्रेरणादायी मॉडल है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग की योजनाएं तभी सफल होती हैं जब स्थानीय प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और ग्रामीण समाज एकजुट होकर कार्य करें। इस अवसर पर *पंचायतीराज निदेशक अमित सिंह* ने भी किरा पंचायत की प्रगति को विभाग की रणनीतिक सोच – “सशक्त पंचायत, आत्मनिर्भर गांव, मजबूत राष्ट्र” – का सजीव उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्लांट संचालन की दक्षता के लिए गांव के युवाओं को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे एक सक्षम और प्रशिक्षित कार्यबल तैयार हुआ है। इस सामूहिक प्रयास ने न केवल ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि ग्रामीण भारत के सतत और हरित विकास की राह भी प्रशस्त की है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button