उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

प्रदेश में उच्च गुणवत्ता युक्त स्वदेशी उन्नत नस्ल के गोवंश की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए : धर्मपाल सिंह

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री  धर्मपाल सिंह ने कहा है कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाये रखने के लिए अत्यन्त आवश्यक है कि स्वदेशी गौवंश की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि की जाए और इसके लिए प्रदेश के पशुपालकों के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त स्वेदशी उन्नत नस्ल की गोवंश की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस हेतु प्रदेश के किसानों एवं पशुपालकों के हित में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का वृहद स्तर पर संचालन किया जाए और योजना के तहत 10 गायों की इकाई की संख्या और बढ़ायी जाए। किसानों और पशुपालकों को साहीवाल, गिर और थार पारकर जैसी उन्नत नस्ल के गौवंश हेतु प्रोत्साहित किया जाए।

धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रदेश मंे पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग द्वारा प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनामी बनाये जाने हेतु किये जा रहे कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लघु पशुपालन हेतु संचालित योजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। योजनाओं का वृहद स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाए और किसानों एवं पशुपालकों को जागरूक किया जाए। बकरी पालन, मुर्गी पालन, भेड़ पालन, सूकर पालन एवं अन्य योजनायें जिनसे ग्रामीण वर्ग एवं समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं, उनसे लोगों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में बैठक आहूत कर पशुपालकों एवं बैंकों के मध्य आ रही विभिन्न समस्याओं के प्रकरणों का उचित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों एवं पशुपालकों को योजनाओं से लाभान्वित करने में कोई उदासीनता या शिथिलता न बरती जाए और उनकी समस्याओं का प्रभावी निराकरण किया जाए।
श्री सिंह ने कहा कि उ0प्र0 पशुधन विकास के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेश है परन्तु प्रति दुग्ध उत्पादकता कम है और उच्चगुणवत्ता युक्त दुधारू पशुओं की कमी है। इसलिए पशुपालन के क्षेत्र में उद्यमिता विकास हेतु स्वदेशी नस्ल की गायों की अधिक से अधिक इकाई स्थापित की जाए। अधिकारी उन्नत नस्ल की गायों की संख्या में वृद्धि करें, डेयरी कार्य को उद्यमिता से जोड़ने, सीमान्त एवं लघु कृषकों/पशुपालकों को डेयरी उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करें। राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना और किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्अमित कुमार घोष ने मंत्री को योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया और आश्वस्त किया कि उनसे प्राप्त दिशा निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना एवं लघु पशु योजनाओं के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के अधिकारी स्थानीय स्तर पर योजनाओं का नियमित रूप से प्रचार प्रसार करें, योजनाओं का अनुश्रवण करें और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करें।
बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव  देवेन्द्र पाण्डेय, दुग्ध आयुक्त  राकेश कुमार मिश्रा, पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन एवं विकास  योगेन्द्र पवार, संयुक्त निदेशक डा. पी.के. सिंह सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button