सरकार द्वारा जाति जनगणना कराना कांग्रेस की जीत और नरेंद्र मोदी की हार है : मल्लिकार्जुन खरगे
'प्रधानमंत्री को पहले ही मिल गई थी पहलगाम आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट, इसके बावजूद नहीं की गई सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता'

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी खुफिया रिपोर्ट का हवाला देकर मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने अखबार में छपी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि तीन दिन पहले ही एजेंसियों ने हमले की खुफिया रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दी थी। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था, तो सरकार ने जनता को अलर्ट क्यों नहीं किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता क्यों नहीं की गई।
झारखंड के रांची में आयोजित ‘संविधान बचाओ’ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार ने इसे खुफिया नाकामी माना है। जब सरकार चूक मान रही है तो इस हमले की जिम्मेदारी भी उसे लेनी चाहिए।
खरगे ने आतंकवाद एवं पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन दोहराते हुए कहा कि सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी कदम उठाती है, तो कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने देश की एकता व अखंडता के लिए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदानों को याद किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी पर भी एक गद्दार ने गोलियां दाग दीं थी। उन्होंने कहा कि देश सबसे बड़ा है और पार्टी, धर्म और जाति बाद में आते हैं। कांग्रेस देश के लिए हमेशा बलिदान देती आई है और आगे भी देती रहेगी।
जाति जनगणना का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने लंबे समय से इसकी मांग की थी, जिसे पहले मोदी सरकार ने देश को बांटने वाला बताया, लेकिन अब खुद जनगणना कराने को मजबूर हो गई है। ये कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जीत है और नरेंद्र मोदी की हार है। उन्होंने आरक्षण पर लगी 50 प्रतिशत की सीमा हटाने की मांग को भी दोहराया। इसी के साथ संविधान के अनुच्छेद 15(5) को तुरंत लागू करने की भी मांग की, ताकि निजी शैक्षणिक संस्थानों में दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आरक्षण मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी ने मिलकर आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाने और ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। लेकिन अभी तक राज्यपाल से इसकी मंजूरी नहीं आई है।
इस दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।



