फूलों की होली से हुआ चैती महोत्सव का समापन

लखनऊ । मंगलवार को ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रहे चैती महोत्सव के तुलसी रंगमंच पर भरतनाट्यम् की विश्व प्रसिद्ध गुरु डॉ. सरोजा वैद्यनाथन के शिष्य कलाश्री सय्यद शमशुर रहमान (नावेद) ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिकाओं का मंचन किया जिसमे भगवन कृष्ण जन्म, बाल रूप, और युवा अवस्था को दर्शाया गया साथ ही राधा कृष्ण के प्रेम का अलौकिक दर्शन भी कराया गया ।
‘कृष्ण मधुरम हैं’ शीर्षक नामक इस नृत्य नाटिका को शमशुर रहमान नावेद के साथ आकृति भारद्वाज, अश्वनी श्रीवास्तव, पंकज पांडेय, अनुष्का प्रकाश, अभिलाषा सिंह, ख़ुशी मौर्या, अनुष्का श्रीवास्त्व, अरुणिमा सिंह, व्रती सक्सेना, दिया चंद्र, अकषरा भारद्वाज, अलका पांडेय, आरणा और तरुशी भारद्वाज ने अपने नृत्य कौशल से खूबसूरती के साथ सजाया ।
दस दिवसीय कृष्णलीला के समापन दिवस पर महाभारत के युद्धभूमि के बीच खड़े होकर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपने विराट स्वरूप के दर्शन और गीता का उपदेश दिया ।
इसके बाद भास्कर ग्रुप के कलाकारों द्वारा पकड़ लो हाथ बनवारी और क्यों भूल गए श्यामा गीतों के साथ मंच पर श्रीकृष्ण के बाल सखा रहे सुदामा का द्वारिका में आगमन और संवाद मंचन के साथ ही मंच पर तिरुपति बालाजी, श्रीनाथ जी और बांकेबिहारी के सजीव दर्शन का कलाकारों द्वारा सुंदर प्रस्तुतिकरण किया जाता है ।
इसके उपरांत चैती महोत्सव 2025 के मंच का समापन कलाकारों द्वारा होरी खेल रहे बांके बिहारी गीत पर हर्षोल्लास से मनी फूल और गुलाल से खेली गई होली और आकाशीय अतिशबाजी के बीच किया गया ।
कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश सरकार के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी उपस्थित हुए कमेटी द्वारा अंगवस्त्र श्रीमदभगवद्गीता और स्मृति चिन्ह देकर मंत्री जी का सम्मान किया गया ।
समापन अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिशचन्द्र अग्रवाल ने कहा कि अगले वर्ष होने वाले चैती महोत्सव में पुनः श्रीकृष्ण लीला का मंचन और बेहतर तरीके से करने का प्रयास किया जाएगा जो आने वाले वर्षों में अनवरत जारी रहेगा इसी के साथ कृष्णलीला से प्रतिदिन जुड़े रहने वाले दर्शकों को और कलाकारों को धन्यवाद ज्ञापित कर उन्होंने भारतीय नववर्ष मेला एवं चैती महोत्सव 2025 के समापन की घोषणा की ।



