बंगाल के रामभक्तों का रामनवमी संदेश: रामद्रोही मानसिकता से बाहर निकलें ममता दीदी

विनोद बंसल
अनेक प्रकार के प्रशासनिक अड़ंगों व प्रतिबंधों के बावजूद बंगाल में 2500 से अधिक स्थानों पर शोभायात्राएं श्री रामनवमी के पावन अवसर पर निकलीं। जिनमें करोड़ राम भक्तों ने पूरे उत्सव, उमंग और मर्यादा के साथ भाग लिया। अकेले कोलकाता में ही 60 से अधिक शोभायात्राओं ने शहर की गली गली को भगवा रंग से रंग दिया।
राज्य में निकालीं कुछ यात्राओं को शासन प्रशासन द्वारा अंत समय में भी रोकने के प्रयास हुए किंतु, राम भक्तों के विशेष आग्रह और उनके उत्साह के आगे उनकी एक न चाली। जहां उसे 500 की संख्या में बांधने के प्रयास हुए, वे सब भी जनता ने फलीभूत नहीं होने दिए।
अब बंगाल बदल रहा है राम द्रोहियों को भी अपना मार्ग बदलना होगा। उन्हें अपने मूल की ओर लौटना चाहिए क्योंकि यह सर्व विदित सत्य है कि जिसने जब-जब राम द्रोह किया, उसकी सजा उसको अवश्य मिली है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बात को भली भांति समझ रही होंगी, ऐसी हमें आशा है।
कोलकाता के हावड़ा में तमाम सरकारी शिकंजों व प्रतिबंधों के बाद उच्च न्यायालय के आदेश से निकली #श्रीरामनवमी शोभा यात्रा में उमड़े #श्रीराम भक्तों के जन सैलाब के आगे आयोजकों और पुलिस प्रशासन व शासन की एक ना चली! और तो और, किसी ड्रोन कैमरे की भी औकात ना थी कि सभी राम भक्तों को एक साथ क़ैद कर सके…!!
यह भी स्पष्ट हो गया कि अब बंगाल को श्री राम से अलग करने वालों को बंगाल की जनता स्वयं अलग थलग कर देगी।
मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के चलते हिंदू समाज को दोयम दर्जे का नागरिक समझने वाले हिंदू द्रोहियों को अब और सहन नहीं किया जाएगा।



