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ऋषि का साहित्य छात्र-छात्राओं को नैतिक शिक्षा प्रदान करता है : उमानन्द शर्मा

गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 433वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न

लखनऊ : गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभि श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 433वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार की सक्रिय कार् सुमन पाण्डे ने अपने पुत्र  नितिन पाण्डेय एवं पुत्रवधू श्रीमती शोभिता पाण्डेय के उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ्य जीवन के लिये भेंट किया तथा सभी छात्र-छात्राओं, संकाय सदस्यों, विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भेंट की।

इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का साहित्य छात्र-छात्राओं को नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।” डॉ० नीलम गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का समापन संस्थान के प्रबंधक श्री चन्द्र किशोर वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया।

इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर की प्रतिनिधि डॉ. नीलम गुप्ता,  सावित्री शर्मा, उमानंद शर्मा, संस्थान के चेयरमैन  अनुराग वर्मा, प्रबंधक  चन्द्र किशोर वर्मा, कोऑर्डिनेटर  विमलेश वर्मा, प्राचार्या डॉ. अनामिका मिश्रा तथा प्रशासनिक अधिकारी मानसी यादव सहित कॉलेज के संकाय सदस्य एवं छात्रायें मौजूद रहीं।

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