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झूठ का उद्घोष है भारतीय जनता पार्टी का ‘‘संकल्प पत्र’’: सी.पी. राय

लखनऊ । उ.प्र. कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन, पूर्व मंत्री डॉ. सी.पी. राय ने कहा कि जो सरकार पिछले दस सालों से सत्ता में है उसे घोषणा पत्र जारी करने के पहले अपने द्वारा किये गये कार्यों का एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। मोदी सरकार 2014 में जनता को ढेर सारे सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई थी। सच तो यह है कि दस साल बीत गये इस बीच एक झूठ पत्र इनका 2019 में भी आया, मगर धरातल पर जनहित का कोई काम नहीं दिखा।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के चेयरमैन डॉ. सी.पी. राय ने उक्त वक्तव्य प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए दिया.

प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष श्रीवास्तव हिंदवी, प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता मुख्य रूप से मौजूद रही।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय संकल्प पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उ.प्र. कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन, पूर्व मंत्री डॉ. सी.पी. राय ने कहा कि जो सरकार पिछले दस सालों से सत्ता में है उसे घोषणा पत्र जारी करने के पहले अपने द्वारा किये गये कार्यों का एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। मोदी सरकार 2014 में जनता को ढेर सारे सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई थी। सच तो यह है कि दस साल बीत गये इस बीच एक झूठ पत्र इनका 2019 में भी आया, मगर धरातल पर जनहित का कोई काम नहीं दिखा।
श्री राय ने कहा कि किसी भी सरकार के कार्य को मापने के 5 मापदंडों ( आर्थिक, सामरिक, सामाजिक, राजनीतिक, विदेश नीति ) पर मापा जाता है।

श्री राय ने कहा कि आर्थिक मापदंड की अगर बात करें तो 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने वाली दावा करने वाली भाजपा सरकार खुद ही दावा करती है कि 80 करोड़ लोगों का जीवन उसके द्वारा दिये गये 5 किलो राशन पर चल रहा है।

सामरिक मापदंड की अगर बात की जाये तो भाजपा के अपने सांसद तापिर गाव कई साल से सरकार को चीन के घुसपैठ के बारे में आगाह कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से मशहूर समाजसेवी सोनम वांगचुक लद्दाख में अनशन पर बैठे थे और लगातार सरकार से लद्दाख की सीमाओं पर चीनी अतिक्रमण का मुद्दा उठा रहे थे।

सामाजिक मापदंड की बात की जाये तो सामाजिक एकता का ताना बाना इस सरकार में बुरी तरह से छिन्न-भिन्न हुआ है। कोई भी देश और समाज तब विकसित होता है जब वहां सामाजिक अमन कायम रहता है।

लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दो पहिए हैं जिन पर सवार होकर देश विकास का रास्ता तय करता है। मोदी सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करते हुए पिछले दस सालों में विपक्ष के नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने का कार्य किया है। राजनीतिक मतभेद को मनभेद में बदल दिया है।

विदेश नीति की अगर बात करें तो हमारे अगल बगल के सभी पड़ोसियों से हमारे रिशते खराब हुए हैं। पूरे विश्व में सरकार की धार्मिक तुष्टीकरण की नीति से देश की छवि धूमिल हुई है।

प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए डॉ.सी.पी. राय ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष द्वारा उठाए गए जनता के मुद्दों पर पक्ष को जवाब देना चाहिए। मोदी सरकार पिछले दस सालों में ना तो कोई प्रेसवार्ता कर सवालों के जवाब दे पाई और ना ही संसद में विपक्ष का सामना कर पाई। श्री राय ने कहा कि मैं भाजपा के किसी भी नेता को मीडिया के समक्ष सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित करता हूँ।

उन्होंने कहा कि सवाल तो यह उठना चाहिए कि 55 सालों में कांग्रेस ने क्या किया और 16 साल में भाजपा ने क्या किया। सवाल तो यह भी उठना चाहिए कि अगले 5 साल में कौन जनहित के कार्य करेगा। कौन भारत के मूल चरित्र को बरकरार रखेगा और संविधान को सुरक्षित रखेगा।

मीडिया विभाग के चेयरमैन पूर्व मंत्री डॉ. सी.पी. राय ने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में न्याय की बात की है, क्योंकि भाजपा का दस साल का शासन अन्याय काल है। हम प्रतिबद्ध हैं कि भाजपा के इस अन्याय काल को समाप्त कर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हितों को संरक्षित करेंगे और उसे एक आर्थिक रूप से सक्षम, सामाजिक रूप से सम्मानजनक और राजनीतिक रूप स्वतंत्र जीवन प्रदान करेंगे।

संगोष्ठी कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री राज बहादुर सिंह, डॉ. लालती देवी, राजेश सिंह काली, सुशीला शर्मा, कमलेश भारती, डॉ. रिचा कौशिक, राकेश पाण्डेय, मो. इरशाद, मेहताब जायसी, योगेश्वर सिंह, अखिलेश शर्मा, जितेन्द्र कुमार वर्मा, आर.बी. सिंह, सुनीता रावत, जितेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ. अमित कुमार राय, डॉ. श्रवण कुमार गुप्ता, सच्चिदानंद नाथ, संदीप पोद्दार सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।

 

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