₹42,000 न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर सीटू का सघन जनसंपर्क अभियान, सूरजपुर में नुक्कड़ नाटक ‘एका’ के माध्यम से श्रमिकों से संसद मार्च में चलने का आह्वान

ग्रेटर नोएडा / सूरजपुर : 1-3 दिसंबर 2026 को रामलीला मैदान से संसद तक होने वाले ऐतिहासिक मजदूर संसद मार्च – “₹42,000 न्यूनतम वेतन लागू करो! चलो रामलीला मैदान! चलो संसद!” को सफल बनाने के लिए सीटू गौतमबुद्ध नगर जिला कमेटी ने जोरदार जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है।
इसी कड़ी में आज सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में जन नाट्य मंच के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक “एका” का कई स्थानों पर प्रभावशाली मंचन किया। नाटक के माध्यम से लेबर कोड, ठेका प्रथा, 8 घंटे की ड्यूटी, ओवरटाइम-बोनस की लूट और ₹13,690 के छलावे वाले वेतन के खिलाफ मजदूरों के गुस्से को दिखाया गया और हजारों कर्मचारियों से 1-3 दिसंबर के संसद मार्च में शामिल होने की अपील की गई।
इस अवसर पर आयोजित नुक्कड़ सभाओं को सीटू जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राघव, महासचिव रामस्वारथ, सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य अरुण कुमार पटेल, जोगेंद्र सैनी, मनोज कुमार आदि नेताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि “दोस्तों, मजदूरों पर बड़ा हमला हो रहा है। एक तरफ कॉर्पोरेट मुनाफा आसमान छू रहा है, दूसरी तरफ मजदूर की मजदूरी और हक छीने जा रहे हैं। सरकार ने 2019 से राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी ₹178 रोज पर अटका रखी है। नोएडा के मजदूरों ने अप्रैल 2026 में सड़कों पर उतरकर सरकार को झुकाया, तब जाकर अकुशल का वेतन ₹11,313 से बढ़कर ₹13,690 हुआ। यह हमारी आधी-अधूरी जीत है। 1957 के एक्रॉयड फॉर्मूले के हिसाब से आज जरूरत ₹42,000 की है। सरकार ने दिया ₹13,690, हमारी जरूरत ₹42,000।”
“12 फरवरी 2026 की ऐतिहासिक आम हड़ताल ने मोदी सरकार को मजबूर किया। लेकिन सरकार ने 5 राज्यों के चुनाव के तुरंत बाद 100 साल की लड़ाई से मिले 29 श्रम कानून खत्म कर 4 लेबर कोड लागू कर दिए। यह गुलामी की जंजीरें हैं। इन्हें तोड़ने का वक्त आ गया है।”
नेताओं ने 7 केंद्रीय मांगों – चारों लेबर कोड रद्द करो, स्कीम वर्करों को मजदूर का दर्जा दो, ₹42,000 न्यूनतम वेतन, स्वरोजगार को ₹42,000 आय और ₹21,000 पेंशन, खाली पद भरो, ठेका मजदूर स्थायी करो, बराबर काम का बराबर वेतन, हड़ताल को अपराध बनाना बंद करो और SIR पर रोक लगाओ – पर जोर दिया।
सीटू जिला कमेटी ने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में जिले की हर फैक्ट्री, हर औद्योगिक क्षेत्र में पर्चा वितरण, गेट मीटिंग और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अभियान और तेज किया जाएगा।



